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तुम्हीं हो प्रणय की मधुशाला
अद्भुत विकास
वो यादें और पल
"समर्पण का रहस्यवाद"
 चाँदनी के आँचल में, कुमुद संग खिलता प्रेम-रंग
हर पीढ़ी का अंदाज़ निराला
झरना - पहाड़ की हँसी
 मैं भारत का अजर अमर लोकतंत्र हूं
जी ले खुश होकर, ज़िंदगी थोड़ी है
पंख निकलते ही परिंदे, छोड़ जाते हैं ठिकाना
गजब टोपीबाज है!
मतलब की दुनिया
"शब्द से पहले"
सांस-सांस में नाम है तेरा
अरे वाह! आज तो कॉकरोच हो गए सुपर हिट
"अंतर्नाद का उजास"
नये युग का उदय
बदल नहीं सकती कभी,बिना प्रकृति तकदीर
 सत्य सदा चलता अग्निपथ पर
पर्यावरण को बचाये