जब से हमने सच को सच कहना सीखा है, फूलों से ज्यादा जग में, काँटों को सींचा है। दोस्त निकलते, नजर बचा…
Read more »राखी का इतिहास, स्नेह-प्रेम-रक्षा का उजास कुमार महेंद्र जब डगमगाया देव-सिंहासन, असुरों का था त्रास …
Read more »रक्षाबंधन दुर्गेश मोहन रक्षाबंधन का अनमोल त्योहार भाईबहन का अटूट प्यार। भाईबहन के रिश्ते का यह है …
Read more »समानता का अधिकार अरुण दिव्यांश जैसे चार दिनों का शीत बयार , जैसे अनुनासिक मात्रा अनुस्वार । पुरुष स…
Read more »बदल गया इंसान रचना डॉ अनमोल कुमार पहले दिल में प्यार था, अब हर बात में व्यापार है। पहले रिश्ते निभा…
Read more »देख नखरे अब ईख नंदिनी के कुमार महेंद्र चाय का कप रूठ बैठा, रसोई में मिठास कहाँ? बजट का धागा टूट रहा…
Read more »सावन का रुद्राभिषेक रचना डॉ अनमोल कुमार सावन आया, बदरा छाए, शिव भक्त बम-बम हर-हर गाए। गंगाजल, बेलपत…
Read more »जब सत्य चले निर्भय पथ पर, जीत बने सदा यशगान कुमार महेंद्र चाहे रातों के सन्नाटे, या तूफानों का हो श…
Read more »महिलाओं से ही घर है समाज है। डॉ अ कीर्ति वर्द्धन महिलाओं से ही घर है समाज है। मगर ताना एक ही है यह …
Read more »हर उपमा भी निखर जाती, तुम्हारे नाम के साथ कुमार महेंद्र मौन अधरों पर सजी जो, मधुरिम झंकार हो तुम। श…
Read more »सावन चतुर्थ सोमवार, शिव स्नेहिल कृपा-वृष्टि अपार कुमार महेंद्र शुभ-मंगल सावन मनोरम, शिव आराधन चरम अ…
Read more »सावन मास का सोमवार सावन के मास में वो, शिवजी पर जल ढारत है। बेल पत्ती और फूलों से, पूजा नित्यदिन …
Read more »"सुख का अंतःस्रोत" पंकज शर्मा प्रिय मित्रों हम प्रायः सुख को किसी भविष्य की उपलब्धि से ज…
Read more »"अंतःसलिला" पंकज शर्मा किसका है यह नीरव पथ, किस तट की मूक पुकार? बहती ज…
Read more »व्यक्ति नहीं, वक्त होता है कमजोर कुमार महेंद्र तूफ़ानों से डरकर जो पथ में, बैठ गया, वह पथिक नहीं। प…
Read more »इस बार की राखी सूनी है डॉ. राकेश दत्त मिश्र राखी फिर से आई है, पर कलाई कुछ सूनी है, बहना तुम बिन सो…
Read more »जो है शेष, वही है विशेष कुमार महेंद्र विगत हुआ जो कालखंड, धूलि में अब लीन है। जो वर्तमान सम्मुख खड़…
Read more »बातें क्या होती है संजय जैन मोहब्बत क्या बला होती है। जब किसी से होती है। तो रातों की नींद उड़ती है…
Read more »रक्षा बंधन रचना डॉ अनमोल कुमार कलाई पर राखी, दिल में प्यार, भाई-बहन का अटूट है ये त्योहार। बहन ने ब…
Read more »"आत्म ही अमृत" पंकज शर्मा मस्तिष्क शांत, स्थिर मन, शांत हुआ सब क्रंदन। तृ…
Read more »
संस्कृत सिर्फ भाषा नहीं, भारत की आत्मा है जहानाबाद ,बिहार । अन्तर्राष्ट्रीय संस्कृत दिवस के अव…
Read more »