एपस्टीन फाइल्स,मानवता पर कलंक
कुमार महेन्द्रमानव अंतर दानवी पराकाष्ठा,
आचार विचार अनैतिक छोर ।
वासना तृप्ति उत्कंठा निर्झर,
अबला शील हरण चारों ओर ।
जीर्ण शीर्ण जनमानस विश्वास,
व्यर्थ सी पद प्रतिष्ठा चमक ।
एपस्टीन फाइल्स,मानवता पर कलंक।।
अंध भौतिक विकास कारण,
परिवर्तित जीवन परिभाषा ।
स्वच्छंद दिनचर्या व्यवहार,
सर्वत्र पाश्विक भोग अभिलाषा ।
कुदृष्टि नारी तन मन पर,
कृत्रिम शिक्षा प्रगति खनक ।
एपस्टीन फाइल्स,मानवता पर कलंक ।।
विवरण अंतर संभ्रांत व्यक्तित्व,
यश वैभव पदवी काला अध्याय ।
आड़ उच्च बैठक भेंट शिष्टाचार,
पर चाह भोग विलासी संकाय ।
सुन पढ़ हृदय विदारक घटना,
सहमा सकुचा वनिता मयंक ।
एपस्टीन फाइल्स,मानवता पर कलंक ।।
सत्ता सानिध्य यौन शोषण,
अति गंभीर सोचनीय बिंदु ।
दिशा दशा प्रकृति विपरित,
जीवन अग्रसर अपराध सिंधु ।
दुर्तांत छवि जेफरी एपस्टीन,
संबंध सूची अनैतिकता अलंक ।
एपस्टीन फाइल्स,मानवता पर कलंक ।।
कुमार महेन्द्र
(स्वरचित मौलिक रचना)
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews #Divya Rashmi News, #दिव्य रश्मि न्यूज़ https://www.facebook.com/divyarashmimag


0 टिप्पणियाँ
दिव्य रश्मि की खबरों को प्राप्त करने के लिए हमारे खबरों को लाइक ओर पोर्टल को सब्सक्राइब करना ना भूले| दिव्य रश्मि समाचार यूट्यूब पर हमारे चैनल Divya Rashmi News को लाईक करें |
खबरों के लिए एवं जुड़ने के लिए सम्पर्क करें contact@divyarashmi.com