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अदीन अर्थात स्वावलंबी और स्वतंत्र जीवन जियो
जलता हुआ दिया हूँ, मगर रोशनी नहीं
कैमूर परिभ्रमण : मुण्डेश्वरी की आस्था से तेल्हार की जलधारा तक
सरस्वती और लक्ष्मी के वरद पुत्र थे विद्यावाचस्पति पंडित रामदहिन मिश्र
प्रेम में मिले दर्द को भी मुस्कान में बदल देने वाला वह अभिनेता, जिसने जीवन के अंतिम पड़ाव तक सपने देखे और उन्हें पर्दे पर उतारता रहा और कहता रहा मैं जिंदगी का साथ निभाता चला गया