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गोमांस खाने वालों और मूर्तिपूजा न मानने वालों का मंदिरों में प्रवेश प्रतिबंधित हो ! - मंदिर महासंघ

उज्जैन के संतों की मांग को मंदिर महासंघ का खुला समर्थन !

गोमांस खाने वालों और मूर्तिपूजा न मानने वालों का मंदिरों में प्रवेश प्रतिबंधित हो ! - मंदिर महासंघ

    फोंडा (गोवा): उज्जैन के संतों और हिंदू संगठनों द्वारा रखी गई भूमिका का समर्थन करते हुए मंदिर महासंघ के समन्वयक श्री. सुनील घनवट ने स्पष्ट किया कि हिंदू तीर्थक्षेत्र केवल पर्यटन केंद्र नहींबल्कि हिंदुओं के पवित्र और जागृत आध्यात्मिक क्षेत्र हैं। जिनका मूर्तिपूजा पर विश्वास नहीं हैजो हिंदू संस्कृति को नहीं मानते और जो गोमांस भक्षण कर हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को पैरों तले रौंदते हैंउन्हें मंदिरों में प्रवेश चाहिए ही क्योंऐसे लोगों पर प्रवेशबंदी ही होनी चाहिएऐसी भूमिका मंदिर महासंघ ने रखी है।

    मंदिरों का सात्त्विक वातावरण बनाए रखने और पवित्रता भंग न होइसके लिए अहिंदुओं के मंदिर व मंदिर परिसर में प्रवेश पर तत्काल प्रतिबंध लगाना समय की मांग है। इस संदर्भ में फोंडागोवा में मंदिर महासंघ की राष्ट्रीय स्तरीय कार्यशाला में उपस्थित महाराष्ट्रगोवाकर्नाटक और छत्तीसगढ़ के विभिन्न मंदिरों के ट्रस्टियों (विश्वस्तों) की उपस्थिति में एकमत से यह प्रस्ताव पारित किया गयाऐसी जानकारी मंदिर महासंघ के राष्ट्रीय संगठक श्री. सुनील घनवट ने दी।

    श्री. घनवट ने आगे कहा कि हिंदू मंदिरों की रक्षा के लिए यह नियमावली लागू होनी ही चाहिए। तीर्थक्षेत्रों के परिसर में पवित्रता नष्ट करने और चोरी-छिपे प्रवेश करने वाली विघातक प्रवृत्तियों के कारण हिंदू मंदिरों की सुरक्षा का गंभीर प्रश्न निर्माण हुआ हैइसलिए हम यह मांग कर रहे हैं।

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