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फरवरी 2026 के कुछ महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार

फरवरी 2026 के कुछ महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार

हर हर महादेव!!

लेखक:रवि शेखर सिन्हा और आचार्य मनमोहन। ज्योतिष मार्तंड जन्म कुंडली विशेषज्ञ।

मैं आप सबको और आप सबके हृदय में विराजमान ईश्वर को प्रणाम करता हूं और धन्यवाद करता हूं।

अंग्रेजी कैलेंडर के फरवरी महीना में सनातन पंचांग के अनुसार माघ और फाल्गुन माह का मिला-जुला महीना होता है। माघ और फाल्गुन माह के अधिपति देवी देवताओं को नमन करते हुए, प्रणाम करते हुए चर्चा आरंभ करते हैं अंग्रेजी कैलेंडर के फरवरी माह 2026 के कुछ महत्वपूर्ण व्रत और त्योहारों के बारे में।

2 फरवरी 2026 से 17 फरवरी 2026 तक फाल्गुन कृष्ण पक्ष होगा। अष्टमी तिथि के वृद्धि हो जाने के कारण कृष्ण पक्ष 16 दिनों का हो गया है। इस पक्ष के तीन सोमवार शुभ फल प्रदान करने वाले होंगे। किंतु तीन मंगलवार के कारण कुछ अशुभ फल भी संसार को प्राप्त होंगे।

18 फरवरी से 3 मार्च 2026 तक फाल्गुन शुक्ल पक्ष होगा। अष्टमी तिथि का क्षय हो जाने के कारण यह पक्ष 14 दिनों का ही है। फाल्गुन महीने में महाशिवरात्रि और होली का विशेष त्यौहार मनाया जाता है। फाल्गुन का महीना महादेव को समर्पित माना जाता है। इसी फाल्गुन महीने में देवाधिदेव महादेव का विवाह जगत जननी माता पार्वती के साथ हुआ था।

1 फरवरी रविवार को स्नान दान व्रत की पूर्णिमा होगी। इसे माघी पूर्णिमा के नाम से भी जानते हैं। आज ही राजराजेश्वरी माता ललिता त्रिपुर सुंदरी का जन्म उत्सव मनाया जाएगा। आज महान संत रविदास जी का भी जन्मोत्सव है। संत रविदास की जन्मस्थली काशी के सीर गोवर्धन नामक स्थान तक शोभायात्रा निकाली जाएगी। माघी पूर्णिमा के दिन तिल के लड्डू, कंबल इत्यादि का दान पुण्य फलदायक माना गया है।

2 फरवरी सोमवार को फाल्गुन माह का कृष्ण पक्ष आरंभ होगा आज इष्टि है। आज के दिन अपने घर में भगवान की प्रतिमाओं और तस्वीर के सामने अपनी श्रद्धा के अनुसार भोजन प्रसाद का भोग लगाने का विधान है।

4 फरवरी बुधवार को विश्व कैंसर दिवस है कैंसर रोग से स्वयं को सुरक्षित रखने के लिए आज के दिन विशेष चर्चा की जाती है।

5 फरवरी गुरुवार को संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी का व्रत होगा।

8 फरवरी रविवार को भानु सप्तमी का पर्व होगा। इसे सूर्य ग्रहण के समान पवित्र माना जाता है। आज के दिन गेहूं का आटा और गुड़ का दान करना शुभ फलदायक होता है। भानु सप्तमी के दिन घर के ईशान कोण में सात बातियों वाली घी का दीपक जलाने से जीवन में समृद्धि प्राप्त होती है। घर के मुख्य द्वार पर सात बातियों वाली घी का दीपक जलाने से उस घर के सदस्यों की कभी भी अकाल मृत्यु नहीं होती।

9 फरवरी सोमवार को माता जानकी का जन्म उत्सव मनाया जाएगा। माता जानकी का जन्म उत्सव बिहार प्रांत के मिथिला में विशेष धूमधाम से मनाया जाता है।

12 फरवरी गुरुवार को महर्षि दयानंद सरस्वती की जयंती है।

13 फरवरी शुक्रवार को विजया एकादशी का व्रत गृहस्थ और वैष्णव दोनों के लिए सर्वमान्य होगा। आज कुंभ संक्रांति है।

14 फरवरी शनिवार को शनि प्रदोष व्रत होगा।

15 फरवरी रविवार को श्री महाशिवरात्रि का व्रत होगा। आज के दिन ही मां जगदंबा और महादेव का विवाह हुआ था। सभी शिव मंदिरों में भगवान शिव का विवाह उत्सव श्रद्धा भक्ति के साथ मनाया जाएगा। महाशिवरात्रि का विशेष धूमधाम काशी में देखने को मिलता है। काशी नगरी का कण कण, कोना-कोना शिवमय हो जाता है‌ औघड़दानी बाबा भोलेनाथ के भक्त शिव भक्ति में सराबोर होकर भगवान शिव का बारात निकाल कर मस्ती में आकर इसे अति उत्साह के साथ मनाते हैं।

शास्त्रीय मान्यता और परंपरा के सम्मिलित स्वरूप को मानते हुए आज के दिन बाबा भोलेनाथ का माता पार्वती के साथ विवाह संपन्न कराया जाता है। पूरे विश्व में काशी एक अकेली ऐसी नगरी है जहां चतुर्दश शिवलिंगों का दर्शन पूजन किया जाता है। महाशिवरात्रि व्रत का पारण 16 फरवरी सोमवार की प्रातः काल किया जाएगा।

17 फरवरी मंगलवार को स्नान दान श्राद्ध की अमावस्या होगी। मंगलवार के दिन अमावस्या पड़ने के कारण इसे भौमवती अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है।

18 फरवरी बुधवार को इष्टि है। आज के दिन अपने घर के देवी देवताओं की प्रतिमा और तस्वीरों के समक्ष भोजन पकवान समर्पित किया जाता है।

19 फरवरी गुरुवार को श्री रामकृष्ण परमहंस का जन्म उत्सव मनाया जाएगा। आज चंद्र दर्शन है।

21 फरवरी शनिवार को वैनायकी श्री गणेश चतुर्थी का व्रत होगा।

24 फरवरी मंगलवार से होलाष्टक प्रारंभ हो जाएगा। होलाष्टक में सारे शुभ कार्य वर्जित हो जाते हैं। किंतु होलाष्टक का विशेष प्रभाव लुधियाना, जबलपुर, फिरोजपुर, गुरदासपुर, होशियारपुर, कांगड़ा, कपूरथला और इसके समीप के स्थान माने जाते हैं। इसके अलावा पूरे भारत में कहीं भी होलाष्टक का विशेष दोष नहीं लगता।

26 फरवरी गुरुवार को फागुदशमी है। आज से ही ब्रजभूमि की लट्ठमार होली प्रारंभ हो जाएगी। यह होली अपनी अनूठी शैली के लिए विश्व विख्यात है।

27 फरवरी शुक्रवार को अमल की एकादशी का व्रत गृहस्थ और वैष्णव दोनों के लिए सर्वमान्य होगा। आज की एकादशी को रंगभरी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। काशी के निवासी इस एकादशी को उत्सव के रूप में मनाते हैं। आज के दिन भोले बाबा और माता पार्वती का द्विरागमन अर्थात गौना हुआ था। ऐसा माना जाता है। इसी विश्वास एवं परंपरा को मानते हुए चांदी की पालकी में विराजित माता पार्वती के विग्रह का पूजन कर काशीवासी अबीर गुलाल उड़ाते हुए प्रफुल्लित होकर इस उत्सव को मानते हैं।

28 फरवरी शनिवार को प्रदोष व्रत होगा।

विशेष टिप्पणी:

शुक्रवार 6 फरवरी को शाम 6:16 पर भगवान सूर्य धनिष्ठा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। 13 फरवरी शुक्रवार को सुबह 7:50 पर भगवान सूर्य कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। मंगलवार की अमावस्या होने के कारण इसका सीधा असर बाजार पर पड़ेगा। सभी वस्तुओं के मूल्यों में वृद्धि होगी। महंगाई बढ़ जाएगी। दैनिक उपयोग में आने वाली वस्तुओं के मूल्यों में तेजी से वृद्धि होगी।

19 फरवरी गुरुवार को रात 9:54 पर भगवान सूर्यदेव शतभिषा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। सरसों, सन, कपड़ा, नील, तेल हींग, जायफल, दाख सौंठ के मूल्यों में बढ़ोतरी हो जाएगी।

ज्ञानवर्धक बातें

बृहस्पति ग्रह बहुत ही विशाल और भारी ग्रह होता है। यही कारण है कि बृहस्पति जहां भी बैठते हैं उसे भारी बना देते हैं। विस्तार कर देते हैं। बृहस्पति की दृष्टि भी जिस घर में पड़ती है, जिस ग्रह पर पड़ती है उसकी वृद्धि हो जाती है। अर्थात उस घर का विस्तार हो जाता है।उस ग्रह का विस्तार हो जाता है‌।उस ग्रह की शक्ति बढ़ जाती है। यही कारण है कि बृहस्पतिवार के दिन कुछ कार्य बहुत ही अच्छे और शुभ माने जाते हैं। कुछ कार्य बहुत ही अशुभ फलदायक हो जाते हैं। जितने भी शुभ कार्य हैं, जैसे अन्न, धन, वस्त्र इत्यादि खरीदना, सोना, चांदी, रत्न, धातु वगैरा खरीदना, बैंक के खाते में धन जमा कराना बहुत ही शुभ फलप्रदायक होता है। कारण कि बृहस्पति इसे विस्तार दे देते हैं। अर्थात उसकी बढ़ोतरी कराते हैं। यही कारण है कि जब गुरु पुष्य नक्षत्र, जब गुरु पुष्य का संयोग बनता है तो उस दिन सोना खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है। बृहस्पति के विस्तार करने के स्वभाव के कारण माना जाता है कि गुरुवार के दिन अथवा गुरु पुष्य के दिन सोना खरीदने से व्यक्ति की आर्थिक स्थिति में विस्तार होता है और व्यक्ति इतना सक्षम हो जाता है कि बार-बार सोना खरीद सके। रत्न खरीद सके। इसी प्रकार यदि कोई व्यक्ति गुरुवार के दिन बैंक के खाते में धन जमा कराता है तो स्थिति ऐसी बनती है कि उसके पास बहुत से धन आते हैं। जिसके कारण वह बार-बार अपने बैंक खाते में धन जमा करा पाता है। ठीक इसके विपरीत यदि गुरुवार के दिन दवाइयां खरीदी जाए तो ऐसी स्थिति बनती है कि व्यक्ति को बार-बार दवाइयां खरीदने की जरूरत पड़ती है। अर्थात परेशानियों का भी विस्तार हो जाता है। गुरुवार के दिन वाहन खरीदना भी शुभ माना जाता है। क्योंकि ऐसा वाहन अत्यंत सुखप्रदायक हो जाता है और व्यक्ति इतना सुखी संपन्न हो जाता है कि एक वाहन के साथ-साथ और कई वाहन खरीद सकता है। इसी प्रकार गुरुवार के दिन गृह प्रवेश करना अत्यंत शुभ माना जाता है। रिसर्च में पाया गया कि जो व्यक्ति गुरुवार के दिन गृह प्रवेश करता है, ऐसा व्यक्ति जीवन में अनेकों घर खरीद लेता है अथवा प्राप्त कर लेता है। उसके जमीन जायदाद, संपत्ति का विस्तार हो जाता है। इसी प्रकार गुरुवार के दिन यदि विवाह किया जाए तो वैवाहिक जीवन आनंदमय और सुखी होता है।

किंतु गुरुवार के दिन यदि कोई व्यक्ति कोर्ट कचहरी या केस मुकदमे की शुरुआत करता है तो ऐसे कोर्ट कचहरी और विवाद जीवन भर समाप्त नहीं होते।इस प्रकार के कोर्ट कचहरी से संबंधित मामलों का विस्तार होता रहता है। गुरुवार के दिन कर्ज चुकाना अच्छा माना जाता है। व्यक्ति इतना सक्षम हो जाता है कि अपने सारे कर्ज़ों को चुका देता है। किंतु इसके विपरीत यदि कोई व्यक्ति गुरुवार के दिन कर्ज लेता है तो उसे बार-बार कर्ज लेना पड़ता है। अर्थात उसके कर्ज का विस्तार हो जाता है।

गुरुवार के दिन यदि स्कूल या कॉलेज में एडमिशन कराया जाए तो पढ़ाई लिखाई का विस्तार हो जाता है। पढ़ाई लिखाई बहुत अच्छे तरीके से संपन्न हो जाता है।

यही कारण है कि गुरुवार के दिन विदेश यात्रा को शुभ नहीं माना जाता। ऐसा माना जाता है कि जो व्यक्ति गुरुवार के दिन विदेश यात्रा करता है। उसे बार-बार यात्रा करनी पड़ती है। उसे अपने घर में रहने का सुख कम प्राप्त होता है।

इस प्रकार हमने जाना कि देवगुरु बृहस्पति विस्तार प्रदान करने वाले देवता हैं। इसीलिए गुरुवार के दिन ऐसे शुभ कार्य करने चाहिए जिसका हमें शुभ फल प्राप्त हो और कोई भी ऐसे अशुभ कार्य नहीं करना चाहिए जिसका विस्तार हो जाए। इति शुभमस्तु!!
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