पटना में ‘महिला युवा संसद’ का भव्य आयोजन, नारी शक्ति बनी विकसित भारत की सशक्त आवाज पटना, 12 अप्रैल …
Read more »मतलबी है लोग यहाँ पर, मतलबी जमाना… डॉ. राकेश दत्त मिश्र “मतलबी है लोग यहाँ पर, मतलबी जमाना, सोचा स…
Read more »विरक्ति, यथार्थ और आत्मबोध : एक वृद्ध पुरुष की मौन पीड़ा डॉ. राकेश दत्त मिश्र जीवन एक अनवरत यात्रा …
Read more »श्री गणेशाय नम: 13 अप्रैल 2026, सोमवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहे…
Read more »सत्ता, समय और संकेत - राजनीति का वर्तमान परिदृश्य दिव्य रश्मि के उपसंपादक जितेन्द्र कुमार सिन्हा की…
Read more »अक्षय तृतीया और भगवान परशुराम सत्येन्द्र कुमार पाठक अक्षय तृतीया का पर्व भारतीय संस्कृति में विशेष …
Read more »तारों की दुनिया अरुण दिव्यांश तारों की दुनिया में , चाॅंद नजर आता है । चाॅंद तारों के बीच , बाॅंध न…
Read more »ऑंखों में समंदर अरुण दिव्यांश ऑंखों में समंदर है , दिल में तूफान बड़ा । पत्थर से करा जाऊॅं , दिल मे…
Read more »होते हैं कुछ कृतघ्न, सबको दोष मत दीजिये, सेवा करते माँ बाप की, ध्यान उन पर कीजिये। ख़ामियाँ जब कहीं…
Read more »चित्र और चरित्र जय प्रकाश कुवंर किसी का भी, केवल चित्र देखकर, चरित्र समझ नहीं आता है। फोटो के इसी…
Read more »“माँ और ममता” ✍️डॉ. रवि शंकर मिश्र "राकेश" ~~~~~~~~~~~~~~~~~ माँ की ममता सदा निराली, …
Read more »आज कुछ हल्का फुल्का----- डॉ अ कीर्तिवर्धन मेरे चाहे क्या हुआ, घर में बोलो कोय, पत्नी घर की मालकिन, …
Read more »"अविराम अंतर्द्वंद्व" पंकज शर्मा हृदय के इस निस्तब्ध वन में, पीड़ा बीज-सी…
Read more »मोहब्बत की बात डॉ. रवि शंकर मिश्र "राकेश" हर इक लता में छुपी इक मोहब्बत की बात है, दो ब…
Read more »वैशाख मास महात्मय (अष्टम अध्याय) आनन्द हठीला इस अध्याय में शंख-व्याध-संवाद, व्याध के पूर्वजन्म के व…
Read more »काले घोड़े की नाल और नाव की कील का प्रभाव आनन्द हठीला शनिदेव का नाम सुनकर लोगों को पसीना आ जाता है,…
Read more »कारुष प्रदेश: आदि-सांस्कृतिक उद्भव सत्येन्द्र कुमार पाठक भारतीय उपमहाद्वीप के मानचित्र पर गंगा, सोन…
Read more »(झुंझुनूं के नवोदित क्रिकेटर मुकुल चौधरी के आईपीएल में उत्कृष्ट प्रदर्शन प्रदर्शन के संदर्भ में साद…
Read more »कुचायकोट विधायक श्री अमरेंद्र कुमार पांडेय को आख़िरकार टारगेट करने के पीछे का खेल क्या है ? रमेश कुम…
Read more »दुनिया में जितने भी गम हैं उनके पीछे दो ढाई जन हैं। रूस चीन और नार्थ कोरिया अमेरिका में भी कुछ खम ह…
Read more »सोच का अंतर संजय जैन मेरी सोच थोड़ी अलग है। इसलिए मेरी दुनियां अलग है। लोगों को चुभन मुझसे बहुत है …
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मोक्ष- ज्ञान की नगरी गयाजी से अयोध्या श्रीराम मंदिर चढ़ावे चोरी में शामिल लोगों को बेनकाब करने की अ…
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