चित्र और चरित्र
जय प्रकाश कुवंरकिसी का भी, केवल चित्र देखकर,
चरित्र समझ नहीं आता है।
फोटो के इसी छलावे में पड़कर,
बहुतों का जीवन तबाह हो जाता है।।
आकर्षक फोटो का जादू,
आज कल कुछ ऐसा चल गया है।
अनेक परिवारों की शांति,
यह आकर्षक चित्र निगल गया है।।
आकर्षण का मूल,
सुन्दर चित्र और रूप है।
विकर्षण का मूल,
रूप में उभरता दुश्चरित्र है।।
फोटो या प्रत्यक्ष रूप देख,
साधारणतया संसारी रिश्ता बनाते हैं।
रूप के पीछे छुपा दुर्गुण सामने आने पर,
सब रिश्ते बिखर जाते हैं।।
पहले रूप ही देखा जाता है,
चरित्र तो बाद में सामने आता है।
चरित्र परत दर परत खुलते ही,
रिश्ता या तो बनता है, या बिलकुल बिगड़ जाता है।।
जीवन की गाड़ी,
केवल सजने और रूप से नहीं चलती है।
रूप और अच्छे गुण का समन्वय हो,
तभी जीवन की गाड़ी सुगमता से निकलती है।।
जय प्रकाश कुवंर
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews #Divya Rashmi News, #दिव्य रश्मि न्यूज़ , https://www.facebook.com/divyarashmimag


0 टिप्पणियाँ
दिव्य रश्मि की खबरों को प्राप्त करने के लिए हमारे खबरों को लाइक ओर पोर्टल को सब्सक्राइब करना ना भूले| दिव्य रश्मि समाचार यूट्यूब पर हमारे चैनल Divya Rashmi News को लाईक करें |
खबरों के लिए एवं जुड़ने के लिए सम्पर्क करें contact@divyarashmi.com
#NEWS,
#hindinews