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सनातनी योद्धा सम्मान समारोह में गूंजी हिंदू राष्ट्र की हुंकार, सनातन जागरण का हुआ आह्वान

सनातनी योद्धा सम्मान समारोह में गूंजी हिंदू राष्ट्र की हुंकार, सनातन जागरण का हुआ आह्वान

कोलकाता, पश्चिम बंगाल।
श्री जगन्नाथ मंदिर सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित "सनातनी योद्धा सम्मान समारोह" कोलकाता के प्रतिष्ठित आईसीसीआर सभागार, हो-ची-मिन्ह सरणी में भव्यता और गरिमामय वातावरण के बीच संपन्न हुआ। कार्यक्रम में देशभर से आए संत-महात्माओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, साहित्यकारों, उद्योगपतियों एवं सनातन धर्म के अनुयायियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। समारोह में हिंदू राष्ट्र, सनातन संस्कृति और राष्ट्रीय एकता के विषय पर व्यापक चर्चा हुई तथा सनातन मूल्यों की रक्षा एवं प्रचार-प्रसार का संकल्प लिया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता हरिद्वार से पधारे निर्वाण पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर विशोकानंद जी महाराज ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति विश्व मानवता को मार्गदर्शन देने की क्षमता रखती है। उन्होंने धर्म, संस्कृति और राष्ट्रहित के लिए समर्पित कार्यकर्ताओं को समाज का वास्तविक पथप्रदर्शक बताया।

समारोह के मुख्य वक्ता के रूप में जगद्गुरु शंकराचार्य गोवर्धन पीठाधीश्वर पुरी महाराज के कृपापात्र शिष्य एवं "विश्व ब्राह्मण भूषण" से सम्मानित पंडित प्रेमचंद्र झा ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सनातन धर्म के मान-बिंदुओं की रक्षा और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। उन्होंने गोवर्धन मठ, पुरी द्वारा संचालित हिंदू राष्ट्र जनजागरण अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि समस्याएं हजारों हो सकती हैं, किंतु आज की सबसे बड़ी आवश्यकता भारत और नेपाल को हिंदू राष्ट्र घोषित कराने के लिए व्यापक जनमत तैयार करना है।

पंडित झा ने कहा कि "सेवा, सत्संग, स्वाध्याय और संगोष्ठियों के माध्यम से समाज में जागरण का कार्य तेज करना होगा। प्रत्येक सनातनी को अपने क्षेत्र में जन-जागरण अभियान चलाना चाहिए, तभी भव्य और शक्तिशाली भारत का निर्माण संभव होगा तथा हिंदू राष्ट्र की अवधारणा साकार रूप ले सकेगी।" उनके उद्बोधन पर सभागार में उपस्थित लोगों ने जोरदार तालियों के साथ समर्थन व्यक्त किया।

इस अवसर पर पोद्दार सेवा ट्रस्ट द्वारा पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के कल्याणी में निर्माणाधीन भव्य श्री जगन्नाथ मंदिर परियोजना की भी जानकारी दी गई। ट्रस्ट के प्रतिनिधियों ने बताया कि जनसहयोग और भक्तों के सहयोग से यह मंदिर परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है, जो भविष्य में क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख केंद्र बनेगी।

कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं सांसद राहुल सिन्हा ने पश्चिम बंगाल की वर्तमान परिस्थितियों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि जनता की जागरूकता और सहभागिता के कारण पश्चिम बंगाल में राष्ट्रवादी विचारधारा को नई शक्ति मिली है। उन्होंने कहा कि यदि जनता का सहयोग नहीं मिलता तो बंगाल की स्थिति अत्यंत चिंताजनक हो सकती थी। उन्होंने इसके लिए प्रदेशवासियों को धन्यवाद देते हुए सनातन संस्कृति की रक्षा हेतु एकजुट रहने का आह्वान किया।

पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री श्रीमती पूर्णिमा चक्रवर्ती ने अपने संबोधन में कहा कि बंगाल की धरती पर सनातन संस्कृति का परचम पुनः मजबूती से लहरा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य में सनातन धर्म के अनुयायियों को धर्म और संस्कृति के संरक्षण के लिए किसी प्रकार की बाधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भव्य भारत के निर्माण में बंगाल की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रही है और आगे भी रहेगी।

समारोह में जोड़ासांको के विधायक विजय ओझा, चापदानी के विधायक दिलीप सिंह, टॉलीगंज की विधायक पापिया अधिकारी सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में राकेश सिंह, प्रियंका टेकरीवाल, सिद्धार्थ पांडे, वीर बहादुर सिंह, डॉ. पी.के. हाजरा, नरेंद्र पोद्दार, प्रेम शंकर पोद्दार, प्रकाश जाजोदिया, अनिल अग्रवाल, व्रज मोहन नागालिया, उषा गुप्ता, राजीव गुप्ता, चंद्रभान सिंह, मूलचंद राठी, संजय सांगनरिया, राजकुमार मुंद्रा, प्रकाश किला, शंकरलाल सोमानी, मालचंद चांडक सहित बड़ी संख्या में समाजसेवी, उद्यमी और राष्ट्रभक्त उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण "सनातनी योद्धा सम्मान" रहा। पोद्दार सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. अशोक पोद्दार ने सनातन धर्म, राष्ट्र जागरण और सामाजिक चेतना के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पंडित प्रेमचंद्र झा सहित अनेक विशिष्ट व्यक्तित्वों को "सनातनी योद्धा सम्मान" प्रदान कर सम्मानित किया। सम्मान प्राप्त करने वाले सभी व्यक्तियों ने इसे सनातन संस्कृति और राष्ट्रसेवा के प्रति अपने दायित्व का सम्मान बताते हुए आगे भी समाजहित में कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।

समारोह के समापन पर उपस्थित जनसमूह ने "हर-हर महादेव", "जय श्रीराम" और "वंदे मातरम्" के उद्घोषों के साथ राष्ट्र और धर्म के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। पूरे कार्यक्रम के दौरान सनातन संस्कृति, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक समरसता का वातावरण बना रहा। आयोजन ने न केवल धार्मिक चेतना को सशक्त किया, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाकर राष्ट्रीय एवं सांस्कृतिक एकता का संदेश भी दिया।

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