माँ पार्वती और माँ गंगा के बीच विवाद? आनन्द हठीला देवाधिदेव महादेव को जगतपिता भी कहा जाता है, क्यों…
Read more »चरण स्पर्श (पैर छूने) के नियम आनन्द हठीला पैर छूने की परंपरा:👉 सनातन धर्म, संस्कृति और परंपरा में …
Read more »श्री गणेशाय नम: 12 जनवरी 2026, सोमवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा…
Read more »जनता का शासन - जनता के लिए - जनता द्वारा दिव्य रश्मि के उपसम्पादक जितेन्द्र कुमार सिन्हा की कलम से …
Read more »"हृदय–समुद्र की अंतर्धारा" पंकज शर्मा मित्रों मनुष्य का हृदय वास्तव में समुद्र के समान ह…
Read more »श्री राम जन्म भूमि मंदिर के नवनिर्माण दिवस पर एक रचना डॉ. रवि शंकर मिश्र "राकेश" देवभूम…
Read more »सच्चा पुरुषार्थ (सच्ची बोध-कथा) समय के साथ ही स्वामी विवेकानंद का ज्ञान और बातें पूरी दुनिया में फै…
Read more »आज निकली है धूप सजीली डॉ. रश्मि प्रियदर्शनी बहुत दिनों के बाद आज निकली है धूप सजीली। छैल-छबीली, पील…
Read more »विवेकानंद का जीवन-दर्शन और संदेश लेखक डा जंग बहादुर पाण्डेय, पूर्व अध्यक्ष हिंदी विभाग, रांची विश्व…
Read more »नहीं रहे 'नवरंग' के संस्थापक और कलाचार्य पं उमेश पाण्डेय निधन पर कला और साहित्य जगत में शोक…
Read more »बिना झूठ बोले साहब से कब हू रहा नहीं जाता है। डा• मेधाव्रत शर्मा, डी.लिट. (पूर्व यू.प्रोफेसर) बिना …
Read more »रथसप्तमी पूजन को लेकर गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी में बैठक, नमक त्याग के संकल्प पर सर्वसम्मति पटना। आगामी …
Read more »ऊंट मरुधरा की आन बान शान कुमार महेंद्र थार मरुस्थल जीवन रेखा, जनमानस अभिन्न अंग । लोक परंपरा संस्का…
Read more »अंतरराष्ट्रीय हिन्दी दिवस पर खुली आँखों से देखता हूँ बस सपने तेरे, तेरी चाहत जन जन में फैलाना चाहता…
Read more »हिंदी का हमारा अतीत भी गौरवशाली रहा है और आगे भी रहेगा:- डॉक्टर विवेकानंद मिश्र गया जी, हिंदी दिवस…
Read more »हिंदी प्यारा यह हिंद का , हिंदी पावन अरविंद का , हिंदी यह प्रवाहित गंगा , हिंदी नहीं यह बिंद का । ह…
Read more »विश्व हिंदी दिवस या शर्म दिवस? क्या आज भी भारत की कोई राष्ट्रभाषा नहीं होना हमारी राष्ट्रीय विडंबना…
Read more »जीबीएम कॉलेज में एनएसएस इकाई एवं कला परिषद की ओर से "पेपर अॉर्ट एग्ज़ीबिशन" का हुआ आयोजन। …
Read more »केंद्रीय बजट 2026-27: बिहार ने उठाई अतिरिक्त ऋण सीमा, उप-कर (Cess) के विभाज्य कोष में विलय और विशेष…
Read more »कितना भी लिखूं... ... ... डॉ. अंकेश कुमार कितना भी लिखूं कम ही लिखूंगा, तुम्हारी खुशी में अपने ग़म …
Read more »यह इहलीला का अंतिम अध्याय डॉ रश्मि प्रियदर्शनी जिन राहों पर इच्छाओं से भरा शीश, लेकर मैं नित्य चला …
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चैती छठ और मगध की वैश्विक सूर्य-चेतना सत्येंद्र कुमार पाठक सूर्य - चराचर जगत की आत्मा भारतीय मनीषिय…
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