आज निकली है धूप सजीली
डॉ. रश्मि प्रियदर्शनी
बहुत दिनों के बाद आज
निकली है धूप सजीली।
छैल-छबीली, पीली-पीली।
रंग-रंगीली दिखती दुनिया।।
छंटा कुहासा, जागी गलियाँ।
चमक उठी फूलों की डलियाँ।।
नाच उठी सरसों अलबेली।
मटर, मूंग, अरहर की फलियाँ।।
गाओ गीत हर्ष में, नये वर्ष में।
खिली हृदय में कलियाँ।
सुरभित आशाओं की।
एवं मधु अभिलाषाओं की।।
ले अंगड़ाई मीठी-मीठी।
छोड़ रजाई, बुझा अंगीठी।।
धूप सेंककर सुख पाती हैं।
थर-थर कंपती हुईं उंगलियाँ
उड़ीं पतंगें स्वर्णिम नभ में।
धुंधले-धुंधले आसमान में।।
कुलबुल-कुलबुल है तरुओं पर।
चुलबुल-चुलबुल हर मकान में।।
बदल गयी धरती की रंगत।
मिली धूप की ज्यों ही संगत।
थम-सी गयी हवा सर्दीली।
लगा मनाने जग रंगरलियाँ।।

डॉ. रश्मि प्रियदर्शनीहमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews #Divya Rashmi News, #दिव्य रश्मि न्यूज़ https://www.facebook.com/divyarashmimag

0 टिप्पणियाँ
दिव्य रश्मि की खबरों को प्राप्त करने के लिए हमारे खबरों को लाइक ओर पोर्टल को सब्सक्राइब करना ना भूले| दिव्य रश्मि समाचार यूट्यूब पर हमारे चैनल Divya Rashmi News को लाईक करें |
खबरों के लिए एवं जुड़ने के लिए सम्पर्क करें contact@divyarashmi.com