गोद में भारती के जनम पाए हो , माॅं से रिश्ता निभाने का वादा करो । जिस मिट्टी में पलकर जवाॅं हो गए ,…
Read more »सुकून की तलाश अरुण दिव्यांश सुकून की तलाश में मैं तो , बिन सुकून भटक रहा हूॅं । सुकून को भटकते भटक…
Read more »अयोध्या नगरी,शुभ सौम्य मनोहारी कुमार महेंद्र परिवेश छटा अलौकिक, धर्म आस्था अरुणिम भोर । सनातन गौरव …
Read more »खेल निराले संजय जैन खेल ऐसा तुम खेलो जिसमें मज़ा आ जाये। जीवन के भी सारे राज जिस में शमा जाये। और …
Read more »बाबा का बुलडोजर जय प्रकाश कुवंर नाजायज कब्जा धारियों का, हर रोज दिल दहल रहा है। जिधर देखो उधर सब जग…
Read more »अमन चैन जय प्रकाश कुवंर कभी कभी बाहर से, धुआं दिख जा रहा है। पर,अंदर अंदर आग, हमेशा सुलग रहा है।। प…
Read more »तुम्हारे कमल लोचन में,स्वयं को तलाश रहा कुमार महेंद्र_ नयन सह नयन मिलन, नेह प्रस्ताव स्वीकृति । मृद…
Read more »"निर्णय का हाथ" पंकज शर्मा न कलम कोई चमत्कारी धातु है, न स्याही में युद्धों का रक्त जमता …
Read more »खुशियों के रंग,कृत्रिम मेघा के संग कुमार महेन्द्र वर्तमान विज्ञान प्रगति प्रयास, मनुज दिव्यता प्रति…
Read more »कर्तव्य संजय जैन दीये का काम है जलना। हवा का काम है चलना। जो दोनों रुठ जाएंगे। तो मिट जाएगी ये दुनि…
Read more »"रिक्त गृह का मौन" पंकज शर्मा देहरी पर धूप अब भी उतरती है, पर पाँवों की आहट नहीं पहचानती;…
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गोद में भारती के जनम पाए हो , माॅं से रिश्ता निभाने का वादा करो । जिस मिट्टी में पलकर जवाॅं हो गए ,…
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