अंतर्राष्ट्रीय मानवता एवं चिंतन दिवस
आओ आज कुछ चिंतन कर लें ,मानव हैं हम मानवता ये भर लें ।
लोभ क्रोध ईर्ष्या को तज दें हम ,
संग संग जी संग संग मर लें ।।
नहीं किसी से हम दूरी बनाऍं ,
गले लगाकर सबसे ही वर लें ।
गरीब निर्धन को गले लगाकर ,
भवसागर को भी हम तर लें ।।
नहीं सताऍं किसी भी दुखी को ,
उनकी आह से ही हम डर लें ।
सबका होता सम्मान जहाॅं पर ,
चयन हम भी फिर वही दर लें ।।
सीखें करना सम्मान सबका ,
छल कपट मन न हम घर लें ।
त्याग क्रूरता दया ही अपनाऍं ,
जन जन के दुःख हम हर लें ।।
गिरते को हम कंधा लगा दें ,
जिम्मेदारी अपने हम सर लें ।
ऊॅंच नीच का भाव हम त्यागें ,
आओ संकल्प ये नारी नर लें ।।
पूर्णतः मौलिक एवं
अप्रकाशित रचना
अरुण दिव्यांश
छपरा ( सारण )बिहार ।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews #Divya Rashmi News, #दिव्य रश्मि न्यूज़ https://www.facebook.com/divyarashmimag


0 टिप्पणियाँ
दिव्य रश्मि की खबरों को प्राप्त करने के लिए हमारे खबरों को लाइक ओर पोर्टल को सब्सक्राइब करना ना भूले| दिव्य रश्मि समाचार यूट्यूब पर हमारे चैनल Divya Rashmi News को लाईक करें |
खबरों के लिए एवं जुड़ने के लिए सम्पर्क करें contact@divyarashmi.com