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धर्म की स्थापना, अधर्म का विनाश और मानवता के कल्याण का शाश्वत संदेश ही श्रीकृष्ण के जीवन-दर्शन का मूल आधार है:- निवेदिता सिन्हा

धर्म की स्थापना, अधर्म का विनाश और मानवता के कल्याण का शाश्वत संदेश ही श्रीकृष्ण के जीवन-दर्शन का मूल आधार है:- निवेदिता सिन्हा

पटना:- राजधानी पटना के एजी कालोनी स्थित आर.सी.सेंट्रल स्कूल के तत्वावधान में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पूर्व संध्या पर आज रुप सज्जा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसका विधिवत उद्घाटन सुविख्यात शिक्षाविद्, समाजसेविका एवं राष्ट्र सेविका समिति, दक्षिण बिहार प्रांत की सह कार्यवाहिका श्रीमती निवेदिता सिन्हा दीदी के श्री कर कमलों द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन व पुष्पार्चन कर किया गया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका श्रीमती अमृता सिन्हा जी ने किया जबकि परिचय प्रधानाचार्य श्री राकेश कुमार मिश्र ने कराया। कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए शिक्षिका श्रीमती रुचि कुमारी जी ने कहा कि आज का दिन बहुत ही पावन है और इस अवसर पर आयोजित रुप सज्जा प्रतियोगिता बच्चों में भगवान श्रीकृष्ण जी की जीवन दर्शन को समझने का भी एक अच्छा अवसर है।रुप सज्जा प्रतियोगिता में काफी संख्या में छात्र-छात्राएं राधा -कृष्ण के रूप में विराजमान दिखाई दे रहे हैं।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित श्रीमती निवेदिता सिन्हा दीदी ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण का जीवन भारतीय संस्कृति, दर्शन एवं मानवीय मूल्यों का अनुपम आदर्श है। उन्होंने अपने जीवन के प्रत्येक चरण में धर्म, सत्य, कर्तव्य, न्याय, प्रेम, करुणा एवं लोककल्याण का मार्ग प्रशस्त किया। महाभारत के धर्मक्षेत्र में अर्जुन को प्रदान किया गया उनका दिव्य उपदेश श्रीमद्भगवद्गीता आज भी संपूर्ण मानवता को निष्काम कर्म, कर्तव्यपरायणता एवं सत्य के मार्ग पर अग्रसर होने की प्रेरणा देता है।
जन्माष्टमी का यह पावन पर्व हमें स्मरण कराता है कि विपरीत परिस्थितियाँ कितनी ही कठिन क्यों न हों, धर्म, सत्य और सदाचार के मार्ग पर अडिग रहकर अंततः विजय प्राप्त की जा सकती है। भगवान श्रीकृष्ण का संदेश केवल आध्यात्मिक चेतना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में विवेकपूर्ण निर्णय, कर्मनिष्ठा और नैतिक आचरण की प्रेरणा प्रदान करता है।
आइए, इस पावन अवसर पर हम भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने आचरण में आत्मसात करने, अपने कर्तव्यों का पूर्ण निष्ठा एवं ईमानदारी से निर्वहन करने तथा समाज में शांति, सद्भाव, समरसता और मानवीय मूल्यों की स्थापना के लिए संकल्पित हों।हमारी प्रार्थना है कि भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से समस्त समाज में शांति, समृद्धि, सद्भाव एवं सकारात्मक चेतना का संचार हो तथा प्रत्येक व्यक्ति सत्य एवं धर्म के मार्ग पर चलते हुए राष्ट्र और समाज के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करें। आभार ज्ञापन करते हुए शिक्षिका श्रीमती ज्योति कुमारी जी ने कहा कि श्रीमती निवेदिता सिन्हा दीदी के आगमन मात्र से विद्यालय परिसर ऊर्जान्वित होता दिखाई दे रहा है।आप अपने व्यस्ततम समय में भी समय निकाल कर यहां उपस्थित हुए हैं इस हेतु विद्यालय परिवार की ओर से कोटि-कोटि आभार ज्ञापन करती हूं।इस अवसर पर श्री शिव कुमार साहू, श्री नरेश प्रसाद, श्री धर्मेन्द्र कुमार सुधांशु, श्री उपेन्द्र पाण्डेय, सुश्री ऋचा तिवारी, सुश्री इशिका कुमारी, श्रीमती सुनीता श्रीवास्तव, श्रीमती श्वेता कुमारी, श्रीमती संगीता कुमारी, श्रीमती मधु कुमारी सहित अन्य की उपस्थिति रही।
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