जन्माष्टमी
रचना *डॉ अनमोल कुमार*
नंद घर आनंद भयो,
बजी बधाई द्वार।
कारागार में जन्म लियो,
कंस का करने संहार।
यशोदा की गोद में सोये,
नटखट नंदकिशोर।
माखन मिश्री चुराए,
मुख पर माखन का भोर।
मोर मुकुट पीताम्बर सोहे,
हाथ में मुरली प्यारी।
जिसकी धुन पर नाचे,
ये दुनिया सारी।
आया जन्माष्टमी का पावन त्यौहार।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे फेसबुक पेज से जुड़े https://www.facebook.com/divyarashmimag हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews हमें ट्विटर पर फॉलो करे :- https://x.com/DivyaRashmi8

0 टिप्पणियाँ
दिव्य रश्मि की खबरों को प्राप्त करने के लिए हमारे खबरों को लाइक ओर पोर्टल को सब्सक्राइब करना ना भूले| दिव्य रश्मि समाचार यूट्यूब पर हमारे चैनल Divya Rashmi News को लाईक करें |
खबरों के लिए एवं जुड़ने के लिए सम्पर्क करें contact@divyarashmi.com
#NEWS,
#hindinews