लोगों को बेहतर इलाज मिले, यह सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता : वैभव चौधरी

- मांसपेशी एवं कंकाल संबंधी विकारों के उपचार के लिए होम्योपैथिक चिकित्सकों का दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू
राज्य आयुष समिति, बिहार द्वारा राष्ट्रीय आयुष मिशन, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से मांसपेशी एवं कंकाल संबंधी विकारों से संबंधित स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइन (एसटीजी) पर दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आज से शुरू किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन आज श्री वैभव चौधरी, कार्यपालक निदेशक, श्री मो. शफीक, प्रशासी पदाधिकारी ने किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य आयुष चिकित्सा पद्धति के माध्यम से मांसपेशी एवं कंकाल संबंधी विकारों के उपचार में मानकीकरण, गुणवत्ता एवं उपचार की एकरूपता सुनिश्चित करना है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य के सभी जिलों से आए होम्योपैथिक चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान चिकित्सकों को मांसपेशी एवं कंकाल संबंधी विकारों की उचित पहचान, रोग का आकलन, स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइन (एसटीजी) के अनुरूप उपचार, नवीनतम उपचार पद्धतियों एवं आवश्यक रेफरल प्रक्रिया से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी जा रही है।
इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक, राज्य आयुष समिति, बिहार, वैभव चौधरी ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल चिकित्सकों को नई जानकारी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उसका लाभ सीधे मरीजों तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि लोगों का बेहतर तरीके से इलाज हो, यह सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के बाद इसके प्रभाव का आकलन करने के लिए सभी जिलों में फील्ड विजिट कर मरीजों एवं आम लोगों से फीडबैक लिया जाएगा। इसके माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रशिक्षण के दौरान दी गई जानकारी एवं उपचार संबंधी दिशा-निर्देशों का धरातल पर प्रभावी रूप से पालन हो रहा है तथा लोगों को वास्तव में बेहतर होम्योपैथिक उपचार मिल रहा है। स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइन के अनुरूप उपचार व्यवस्था को मजबूत करने से आयुष चिकित्सा सेवाओं में गुणवत्ता, एकरूपता एवं मरीजों के प्रति बेहतर उपचार व्यवस्था सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।.jpeg)
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श्री मो. शफीक, प्रशासी पदाधिकारी ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न जिलों से आए चिकित्सकों को एक-दूसरे के साथ अपने व्यावहारिक अनुभव एवं उपचार संबंधी अनुभव साझा करने का अवसर भी मिल रहा है। विशेषज्ञों द्वारा उपचार से संबंधित नई जानकारियों एवं अद्यतन उपचार पद्धतियों से चिकित्सकों को अवगत कराया जा रहा है, ताकि अपने-अपने जिलों में होम्योपैथिक उपचार के लिए आने वाले मरीजों को बेहतर, गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम तीन चरणों में आयोजित किया गया है। जिसके प्रथम चरण में 08-09 सितंबर 2026 को आयुर्वेदिक चिकित्सकों तथा द्वितीय चरण में 10-11 सितंबर 2026 को यूनानी चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया गया था। तृतीय चरण में 15-16 सितंबर 2026 को होम्योपैथिक चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इस दौरान डॉ. श्याम सुंदर, निदेशक प्रमुख, होम्योपैथिक, डॉ. हरेन्द्र कुमार दास, उप निदेशक, होम्योपैथिक, डॉ. धनंजय शर्मा, राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, डॉ. प्रोफेसर, रविन्द्र कुमार सिंह, प्रिंसिपल, RBTS, कॉलेज मुजफ्फरपुर, तथा श्री धीरज कुमार, एच.एम.आई.एस. प्रबंधक, राज्य आयुष समिति, बिहार के साथ अन्य पदाधिकारी मौजूद रहें।
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