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हर जिले में अधिकतम संभव मात्रा में तैयार होगा उसना चावल

हर जिले में अधिकतम संभव मात्रा में तैयार होगा उसना चावल

  • धान अधिप्राप्ति में शामिल होने वाले चावल मिलरों के लिए 15 अक्टूबर तक ऑनलाइन निबंधन का अवसर
  •  मिलों में कार्यशील विद्युत संयोजन अनिवार्य, बिजली खपत की होगी सीधी निगरानी
  • धान-चावल की ढुलाई केवल जीपीएस युक्त वाहनों से, VTS के माध्यम से होगी ट्रैकिंग

पटना, 14 सितंबर 2026

राज्य सरकार द्वारा खरीफ विपणन मौसम 2026-27 में विकेन्द्रीकृत अधिप्राप्ति व्यवस्था के तहत राज्य के सभी जिलों में अधिकतम संभव मात्रा में उसना चावल तैयार करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा आवश्यक तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। विभाग का उद्देश्य धान अधिप्राप्ति, मिलिंग एवं परिवहन की पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित और प्रभावी बनाना है।
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा जारी सूचना के अनुसार, खरीफ विपणन मौसम 2026-27 के धान अधिप्राप्ति कार्यक्रम में शामिल होने के इच्छुक चावल मिलरों के लिए ऑनलाइन निबंधन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम द्वारा https://esahkari.bihar.gov.in पोर्टल के माध्यम से 16 अगस्त 2026 से ऑनलाइन निबंधन किया जा रहा है। निबंधन की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।
विभाग ने राज्य के सभी चावल मिल संचालकों से अपील की है कि वे धान अधिप्राप्ति एवं मिलिंग कार्य के लिए आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी कर लें तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर ऑनलाइन निबंधन अवश्य करा लें।
मंत्री ने कहा—किसानों के हित में अधिप्राप्ति व्यवस्था को बनाया जा रहा अधिक पारदर्शी
माननीय मंत्री, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग श्री अशोक चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों से धान की सुगम एवं पारदर्शी अधिप्राप्ति के लिए लगातार व्यवस्था को सुदृढ़ कर रही है। खरीफ विपणन मौसम 2026-27 में राज्य के प्रत्येक जिले में अधिकतम संभव मात्रा में उसना चावल तैयार करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि तकनीक के प्रभावी उपयोग से अधिप्राप्ति, मिलिंग और परिवहन की निगरानी को और मजबूत किया जाएगा। मिलों की विद्युत खपत की सीधी निगरानी तथा जीपीएस आधारित परिवहन व्यवस्था से पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। उन्होंने सभी चावल मिल संचालकों से निर्धारित अवधि में निबंधन कराकर अधिप्राप्ति कार्य की तैयारियां पूरी करने की अपील की।
कार्यशील विद्युत संयोजन अनिवार्य, बिजली खपत की सीधे होगी निगरानी
इस वर्ष धान की मिलिंग करने वाले चावल मिलों के लिए कार्यशील विद्युत संयोजन अनिवार्य किया गया है। मिलों द्वारा की जाने वाली विद्युत खपत की मासिक सूचना संबंधित विद्युत वितरण कंपनियों से सीधे प्राप्त की जाएगी।
इस व्यवस्था से मिलों की वास्तविक संचालन क्षमता एवं मिलिंग गतिविधियों की निगरानी अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी तथा अधिप्राप्ति एवं मिलिंग कार्य में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
जीपीएस युक्त वाहनों से ही होगी धान एवं चावल की ढुलाई
पिछले वर्ष की व्यवस्था के अनुरूप खरीफ विपणन मौसम 2026-27 में धान एवं चावल का परिवहन करने वाले वाहनों का ऑनलाइन निबंधन, सत्यापन एवं जीपीएस ट्रैकिंग अनिवार्य किया गया है।
धान एवं चावल की ढुलाई केवल जीपीएस युक्त वाहनों से ही की जाएगी। परिवहन में प्रयुक्त वाहनों के दस्तावेजों का सत्यापन भारत सरकार के वाहन सारथी पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा।
इसके साथ ही, चावल मिलों के मिल परिसर को जियो-फेंसिंग के अंतर्गत लाया जाएगा। धान एवं चावल की आवाजाही की जीपीएस आधारित निगरानी बिहार राज्य खाद्य निगम के व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम (VTS) के माध्यम से की जाएगी।इस तकनीक आधारित व्यवस्था से परिवहन के दौरान वाहनों की आवाजाही पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी और धान एवं चावल के परिवहन में पारदर्शिता, जवाबदेही तथा प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सकेगा।
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