Advertisment1

यह एक धर्मिक और राष्ट्रवादी पत्रिका है जो पाठको के आपसी सहयोग के द्वारा प्रकाशित किया जाता है अपना सहयोग हमारे इस खाते में जमा करने का कष्ट करें | आप का छोटा सहयोग भी हमारे लिए लाखों के बराबर होगा |

हिंदी

हिंदी

अरुण दिव्यांश

हिंदी भाषा यह हिंद का ,
हिंदी भाषा चंद्रभाषी है ।
शिष्ट सभ्य औ विनम्रता ,
निष्ठा मृदुलता प्यासी है ।।
हिंदी तो चंद्र सा शीतल ,
चंद्र सा शीतल प्रकाश है ।
हिंदी से गर्वित ये हिंद है ,
हिंदी प्राचीन इतिहास है ।।
हिंदी रंग तो है हल्दी का ,
हल्दी रंग बहुत शुभ है ।
तम को चिर देत प्रकाश ,
चंद्र कहॅं होत अशुभ है ।।
हिंदी हमारी है हीन नहीं ,
किसने है नाम हीन दी ।
हीन नहीं हिम है यह तो ,
चंद्र शीतल यह हिम दी ।।
हिंदी तो है यह हिंद का ,
हिंद हमारा है हिंदुस्तान ।
हिंदी हमारी बेटी लाड़ली ,
हिंद कहता सीना तान ।।


पूर्णतः मौलिक एवं
अप्रकाशित रचना
अरुण दिव्यांश
डुमरी अड्डा
छपरा ( सारण )बिहार ।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे फेसबुक पेज से जुड़े https://www.facebook.com/divyarashmimag हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews हमें ट्विटर पर फॉलो करे :- https://x.com/DivyaRashmi8

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ