साहित्य जगत के भीष्म पितामह और राष्ट्रीय कवि संगम के अध्यक्ष जगदीश मित्तल 'बाबू जी' का महाप्रयाण, शोक की लहर
हिंदी साहित्य जगत, काव्य मंचों और राष्ट्रवादी विचार परंपरा के लिए एक अत्यंत दुखद खबर सामने आई है। राष्ट्रीय कवि संगम के राष्ट्रीय अध्यक्ष, संगठन के प्रमुख शिल्पकार एवं मार्गदर्शक आदरणीय जगदीश मित्तल जी (जिन्हें साहित्य जगत में सभी सप्रेम 'बाबू जी' कहते थे) का निधन हो गया है। उन्होंने गुरुवार, 3 सितंबर को अपराह्न 3:00 बजे दिल्ली के पश्चिम विहार स्थित बालाजी कैंसर हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली। वे पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन की सूचना मिलते ही देश भर के साहित्यकारों, कवियों और सांस्कृतिक संगठनों में शोक की लहर दौड़ गई।
दिल्ली में अंतिम दर्शन, शनिवार को जगाधरी में होगा अंतिम संस्कार
अस्पताल में बाबू जी के महाप्रयाण के बाद देश भर से कवि, साहित्यकार और सामाजिक कार्यकर्ता उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। बिहार से राष्ट्रीय कवि संगम के प्रांतीय अध्यक्ष प्रभाकर कुमार राय, महामंत्री डॉ. राजकुमार भारती तथा मीडिया प्रभारी सृष्टि मिश्रा ने दिल्ली पहुंचकर उनके पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन किए और श्रद्धांजलि अर्पित की।
बाबू जी के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक निवास, जगाधरी (हरियाणा) ले जाया गया है। शनिवार को दोपहर 12:00 बजे तक उनका पार्थिव शरीर उनके आवास—'सुखदेव दास जगदीश प्रसाद, रेलवे रोड, जगाधरी' पर आमजन और प्रशंसकों के अंतिम दर्शनार्थ रखा जाएगा, जिसके बाद वहीं उनका अंतिम संस्कार संपन्न होगा।
राष्ट्रीय कवि संगम बिहार प्रांत ने आयोजित की आपातकालीन शोक सभा
बाबू जी के आकस्मिक निधन पर राष्ट्रीय कवि संगम, बिहार प्रांत की ओर से गुरुवार सायं 8:15 बजे व्हाट्सएप वीडियो कॉल के माध्यम से एक आपातकालीन वर्चुअल शोक सभा का आयोजन किया गया। इसमें राज्य भर के प्रमुख पदाधिकारियों और कवियों ने सम्मिलित होकर अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि दी।
सभा को संबोधित करते हुए बिहार प्रांत के अध्यक्ष प्रभाकर कुमार राय ने कहा, "बाबू जी का जाना केवल एक संगठन का नुकसान नहीं, बल्कि राष्ट्रवाद और हिंदी काव्य परंपरा के एक स्वर्णिम युग का अंत है। वे हमारे पितातुल्य मार्गदर्शक थे। उनके महाप्रयाण से जो शून्य उत्पन्न हुआ है, उसकी भरपाई असंभव है। परंतु हमें रुकना नहीं है; बाबू जी के अधूरे संकल्पों को पूरा करना और उनके पदचिह्नों पर चलकर संगठन के कार्यों को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।"
संकल्पों को आगे बढ़ाने का लिया गया प्रण
प्रांत के महामंत्री डॉ. राजकुमार भारती एवं प्रांतीय सह-महामंत्री डॉ. अंकेश कुमार ने बाबू जी के प्रेरक व्यक्तित्व को याद करते हुए कहा कि बाबू जी ने देश भर में काव्य प्रतिभाओं को तराशने और साहित्य को राष्ट्रहित से जोड़ने का जो अभियान शुरू किया था, उसे हर हाल में जीवंत रखा जाएगा। संगठन का प्रत्येक कार्यकर्ता उनके दिखाए मार्ग पर दृढ़ता से चलने के लिए संकल्पबद्ध है।
इस वर्चुअल शोक सभा में महिला प्रकोष्ठ की समन्वयक शेफालिका झा, मीडिया प्रभारी सृष्टि मिश्रा, दरभंगा प्रमंडल प्रभारी सुधीर कुमार सिंह, बेगूसराय जिला अध्यक्ष बृजबिहारी मिश्रा सहित बिहार के कई जिलों के गणमान्य साहित्यकार, कवि व पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत पुण्यात्मा की शांति और शोकाकुल परिजनों को यह वज्रपात सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे फेसबुक पेज से जुड़े https://www.facebook.com/divyarashmimag हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews हमें ट्विटर पर फॉलो करे :- https://x.com/DivyaRashmi8

0 टिप्पणियाँ
दिव्य रश्मि की खबरों को प्राप्त करने के लिए हमारे खबरों को लाइक ओर पोर्टल को सब्सक्राइब करना ना भूले| दिव्य रश्मि समाचार यूट्यूब पर हमारे चैनल Divya Rashmi News को लाईक करें |
खबरों के लिए एवं जुड़ने के लिए सम्पर्क करें contact@divyarashmi.com
#NEWS,
#hindinews