पाटलिपुत्र के कैफे हाउस में सजा सावन का रंग, महिलाओं ने बिखेरा प्रतिभा का जलवा

- ‘सावन मिलन समारोह’ में फैशन शो, लोकगीत, कविता, नृत्य और कथक ने बांधा समां; प्रतिभागी को मिला ‘सावन क्वीन’ का ताज
पटना। दिव्य रश्मि संवाददाता रमेश कुमार की खास खबर ।
सावन की रिमझिम फुहार, चारों ओर हरियाली, संगीत की मधुर धुन और उत्सव की उमंग—बुधवार को पाटलिपुत्र स्थित 53, CAFE HOUSE में कुछ ऐसा ही मनमोहक दृश्य देखने को मिला। हरे परिधानों में सजी-धजी महिलाओं, युवतियों और बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी के बीच भव्य ‘सावन मिलन समारोह’ का आयोजन किया गया। संयोग से मौसम का मिजाज भी पूरी तरह सावन के रंग में रंगा रहा, जिससे कार्यक्रम की खूबसूरती और उल्लास कई गुना बढ़ गया।
JBSH Smile Foundation की डायरेक्टर डॉ. जूली सिन्हा बनर्जी के संयोजन में आयोजित इस विशेष समारोह में कला, संस्कृति, मनोरंजन और महिला प्रतिभा का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में शामिल महिलाएं सावन के प्रतीक हरे रंग के आकर्षक परिधानों में पहुंचीं। किसी ने पारंपरिक परिधान से भारतीय संस्कृति की झलक प्रस्तुत की तो किसी ने आधुनिक अंदाज में अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास का परिचय दिया।
प्रतिभाओं को मिला खुलकर प्रदर्शन का मंच
‘सावन मिलन समारोह’ का उद्देश्य केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं था। आयोजन के माध्यम से महिलाओं, युवतियों और बच्चों को अपनी छिपी हुई प्रतिभाओं को सामने लाने तथा आत्मविश्वास के साथ मंच पर प्रस्तुति देने का अवसर प्रदान किया गया।
समारोह में प्रतिभागियों ने फैशन शो, लोकगीत, स्वरचित कविता पाठ, नृत्य और नेतृत्व क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। मंच पर प्रतिभागियों का आत्मविश्वास और उत्साह देखते ही बन रहा था। विशेष रूप से महिलाओं की प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों की खूब तालियां बटोरीं।
फैशन शो के दौरान प्रतिभागियों ने अपने व्यक्तित्व, परिधान और प्रस्तुति कौशल का प्रदर्शन किया। वहीं लोकगीत और स्वरचित कविताओं के माध्यम से महिलाओं ने अपनी रचनात्मकता का परिचय दिया। नृत्य प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को संगीतमय बना दिया।
‘सावन क्वीन’ का ताज बना आकर्षण का केंद्र
समारोह के प्रमुख आकर्षणों में ‘सावन क्वीन’ प्रतियोगिता रही। प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ इसमें हिस्सा लिया। अपनी प्रतिभा, व्यक्तित्व और प्रस्तुति के आधार पर एक प्रतिभागी को ‘सावन क्वीन’ के प्रतिष्ठित ताज से नवाजा गया।
इसके अलावा समारोह में शामिल 20 अन्य महिलाओं को भी उनकी व्यक्तिगत प्रतिभा, कौशल और विशेष खूबियों के अनुरूप अलग-अलग सम्मानजनक उपाधियों से सम्मानित किया गया। इस पहल ने प्रतिभागियों के उत्साह को और बढ़ा दिया।
परंपरा और आधुनिकता का खूबसूरत संगम
सावन की पारंपरिक संस्कृति को आधुनिक मनोरंजन के साथ जोड़ते हुए कार्यक्रम को विविध रंगों से सजाया गया था। लाइव सिंगिंग, मनोरंजक गेम्स, डुमरी और कथक जैसी प्रस्तुतियों ने समारोह को खास बना दिया।
कथक की प्रस्तुति में भारतीय शास्त्रीय नृत्य की गरिमा दिखाई दी तो लोक प्रस्तुतियों ने बिहार और भारतीय लोक-संस्कृति की जीवंत झलक प्रस्तुत की। संगीत और मनोरंजक खेलों ने बच्चों से लेकर महिलाओं तक सभी को कार्यक्रम से जोड़े रखा।
समारोह में छोटे-छोटे बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी भी आकर्षण का केंद्र रही। बच्चों ने जहां अपनी मासूमियत से कार्यक्रम में रंग भरा, वहीं महिलाओं और युवतियों ने विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से यह संदेश दिया कि प्रतिभा किसी उम्र की मोहताज नहीं होती।
हरे रंग में नजर आया सावन का उल्लास
सावन के अनुरूप कार्यक्रम की विशेष थीम हरा रंग रखी गई थी। समारोह में पहुंचीं अधिकांश महिलाएं हरे रंग के परिधानों में नजर आईं। इससे पूरा आयोजन सावन की हरियाली और प्रकृति की सुंदरता का प्रतीक बन गया।
रिमझिम मौसम के बीच संगीत और हंसी-खुशी से भरे इस आयोजन ने उपस्थित लोगों को रोजमर्रा की व्यस्त जिंदगी से अलग कुछ सुखद पल बिताने का अवसर दिया। प्रतिभागियों और अतिथियों ने एक-दूसरे के साथ सावन की खुशियां साझा कीं और कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया।
कोर टीम ने संभाली आयोजन की जिम्मेदारी
समारोह को सफल बनाने में आयोजन की कोर टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। प्रतीक बनर्जी, निशा, आशीष, किशन, पूजा सहित टीम के अन्य सदस्यों ने कार्यक्रम की तैयारियों से लेकर उसके सफल संचालन तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
टीम के सदस्यों के आपसी तालमेल, अथक प्रयास और समर्पण के कारण कार्यक्रम व्यवस्थित और आकर्षक रूप से संपन्न हुआ। आयोजन में शामिल प्रतिभागियों और अतिथियों ने भी कार्यक्रम की सराहना की।
‘सावन मिलन’ सामाजिक जुड़ाव और नई ऊर्जा का अवसर
इस अवसर पर JBSH Smile Foundation की डायरेक्टर डॉ. जूली सिन्हा बनर्जी ने कहा कि सावन केवल एक मौसम नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति में यह उमंग, प्रेम, हरियाली और मिलन का प्रतीक है। ऐसे आयोजन लोगों को अपनी व्यस्त दिनचर्या से कुछ समय निकालकर एक-दूसरे के साथ खुशियां साझा करने और नई ऊर्जा प्राप्त करने का अवसर देते हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के भीतर अनेक प्रतिभाएं होती हैं, लेकिन कई बार उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए उचित मंच नहीं मिल पाता। ऐसे आयोजनों का उद्देश्य मनोरंजन के साथ-साथ महिलाओं को अपनी क्षमता पहचानने और आत्मविश्वास के साथ आगे आने के लिए प्रेरित करना भी है।
उन्होंने कहा कि कला, संस्कृति और सामाजिक सहभागिता से जुड़े कार्यक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा पैदा करते हैं और लोगों के बीच आपसी संवाद एवं आत्मीयता को मजबूत करते हैं।
यादगार बना सावन मिलन समारोह
पाटलिपुत्र के 53, CAFE HOUSE में आयोजित यह सावन मिलन समारोह केवल एक मनोरंजक कार्यक्रम बनकर नहीं रहा, बल्कि महिला प्रतिभा, भारतीय संस्कृति, संगीत, कला और सामाजिक सहभागिता का उत्सव बन गया। सावन की फुहारों के बीच गीत-संगीत, नृत्य, फैशन, कविता और मनोरंजक गतिविधियों ने समारोह में चार चांद लगा दिए।कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों और अतिथियों के चेहरों पर खुशी और संतोष साफ दिखाई दिया। आयोजन ने यह संदेश भी दिया कि जब समाज महिलाओं और बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देता है, तो साधारण-सा मिलन समारोह भी रचनात्मकता और उत्सव का यादगार मंच बन सकता है।
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