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टिहरी जलाशय खाली कर बांध तोड़ने की मांग, राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से हस्तक्षेप की अपील

टिहरी जलाशय खाली कर बांध तोड़ने की मांग, राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से हस्तक्षेप की अपील

भारतीय जन महासभा के अध्यक्ष धर्म चंद्र पोद्दार ने नदियों के जल को बड़े बांधों में रोकने के प्रभाव को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर संदेश पोस्ट कर भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री से इस विषय पर गंभीरता से विचार करने की मांग की है।

धर्म चंद्र पोद्दार ने अपने संदेश में कहा कि नदियों के प्राकृतिक प्रवाह को रोककर जलाशयों में बड़ी मात्रा में पानी जमा करने से भूमि के अंदर विभिन्न प्रकार की उथल-पुथल उत्पन्न होती है। उनका दावा है कि इस प्रकार की भूगर्भीय गतिविधियां भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं को जन्म दे सकती हैं।

उन्होंने कहा कि यदि भारत को संभावित जल प्रलय और उससे होने वाली तबाही से बचाना है, तो टिहरी जलाशय को खाली कर टिहरी बांध को तोड़ने पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से इस पूरे विषय का वैज्ञानिक एवं गंभीर अध्ययन कर आवश्यक कदम उठाने की अपील की।

श्री पोद्दार ने आम लोगों से भी इस मुद्दे को जनहित से जुड़ा बताते हुए अपनी एक्स पोस्ट को देखने और अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील की है। उन्होंने लोगों से अपने एक्स अकाउंट @DharamChandraP4 पर जाकर पोस्ट देखने तथा जनहित में उसे रिपोस्ट करने का आग्रह किया।हालांकि, बांधों में जल संचयन और भूकंपीय गतिविधियों के बीच संबंध एक वैज्ञानिक एवं विशेषज्ञ अध्ययन का विषय है। टिहरी बांध को लेकर किसी भी बड़े निर्णय के लिए विशेषज्ञों की राय, सुरक्षा आकलन और वैज्ञानिक प्रमाणों को ध्यान में रखना आवश्यक होगा।
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