भारतीय जन क्रांति दल डेमोक्रेटिक के राष्ट्रीय महासचिव डॉ राकेश दत्त मिश्र को आयकर विभाग की भारी भरकम मांग का नोटिस

एक ही निर्धारण वर्ष में 34 लाख से बढ़कर लगभग 11 करोड़ 93 लाख रुपये की मांग पर डॉ मिश्र ने उठाए गंभीर सवाल
पटना, 20 अगस्त 2026
भारतीय जन क्रांति दल डेमोक्रेटिक के राष्ट्रीय महासचिव एवं सामाजिक कार्यकर्ता डॉ राकेश दत्त मिश्र ने आयकर विभाग द्वारा निर्धारण वर्ष 2022 23 के संबंध में जारी की गई भारी भरकम मांग पर गंभीर आपत्ति जताई है।
डॉ राकेश दत्त मिश्र के अनुसार आयकर विभाग द्वारा 24 नवंबर 2025 को जारी मांग नोटिस में निर्धारण वर्ष 2022 23 के लिए 34 लाख 45 हजार 482 रुपये की मांग दर्शाई गई थी। वहीं 06 अगस्त 2026 को जारी दूसरे मांग नोटिस में इसी निर्धारण वर्ष के लिए 11 करोड़ 93 लाख 963 रुपये की मांग दर्शाई गई है।
डॉ मिश्र ने कहा कि एक ही निर्धारण वर्ष के संबंध में मांग की राशि में इतनी बड़ी वृद्धि गंभीर प्रश्न खड़े करती है। उनका कहना है कि उन्हें अभी तक ऐसी स्पष्ट और विस्तृत गणना उपलब्ध नहीं कराई गई है जिससे यह पता चल सके कि लगभग 11 करोड़ 93 लाख रुपये की मांग किस आधार पर निर्धारित की गई है।
उन्होंने कहा कि वह आयकर विभाग का सम्मान करते हैं और कानून के अनुसार सहयोग करने के लिए हमेशा तैयार हैं। लेकिन यदि उनके विरुद्ध आय छिपाने या गलत विवरण प्रस्तुत करने का कोई आरोप लगाया गया है तो उसका स्पष्ट तथ्यात्मक एवं दस्तावेजी आधार उन्हें उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

डॉ मिश्र ने कहा कि किसी भी नागरिक के विरुद्ध गंभीर वित्तीय दायित्व निर्धारित करने से पहले उसे संबंधित दस्तावेजों और आरोपों का स्पष्ट विवरण उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है। यदि विभाग के पास उनके विरुद्ध कोई ऐसा दस्तावेज या सूचना है जिसके आधार पर अतिरिक्त आय या कर देयता निर्धारित की गई है तो उसकी प्रति उन्हें उपलब्ध कराई जाए ताकि वह उसका विधिसम्मत उत्तर दे सकें।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि 24 नवंबर 2025 के नोटिस में 34 लाख 45 हजार 482 रुपये की मांग थी, जबकि 06 अगस्त 2026 के नोटिस में इसी निर्धारण वर्ष के लिए 11 करोड़ 93 लाख 963 रुपये की मांग दिखाई गई है। दोनों मांगों के बीच लगभग 11 करोड़ 58 लाख रुपये का अंतर है।
डॉ मिश्र ने कहा कि वह इस मांग को स्वीकार नहीं करते हैं और उन्होंने आयकर विभाग से मांग की है कि उन्हें पूरी demand computation, संबंधित assessment order, appellate order, additions और disallowances का विवरण तथा उन सभी दस्तावेजों की प्रतियां उपलब्ध कराई जाएं जिनके आधार पर इतनी बड़ी मांग निर्धारित की गई है।
उन्होंने कहा कि यदि विभाग की जांच में उनके द्वारा कोई वास्तविक कर देयता पाई जाती है तो वह कानून के अनुसार अपना पक्ष रखेंगे। लेकिन बिना स्पष्ट आधार और पूर्ण गणना के इतनी बड़ी मांग को स्वीकार करना उनके लिए संभव नहीं है।
डॉ मिश्र की प्रमुख मांगें
डॉ राकेश दत्त मिश्र ने आयकर विभाग से मांग की है कि
11 करोड़ 93 लाख 963 रुपये की मांग की पूरी गणना उपलब्ध कराई जाए।
प्रत्येक addition और disallowance का स्पष्ट विवरण दिया जाए।
मांग निर्धारित करने के आधार और संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं।
यदि उनके विरुद्ध आय छिपाने या गलत विवरण देने का आरोप है तो उसका specific evidence उपलब्ध कराया जाए।
उन्हें सभी adverse materials पर अपना पक्ष रखने का उचित अवसर दिया जाए।
विवादित मांग के निस्तारण तक recovery proceedings पर रोक लगाई जाए।
यदि मांग में कोई तथ्यात्मक अथवा गणनात्मक त्रुटि है तो उसे तत्काल ठीक किया जाए।
डॉ मिश्र ने कहा कि यह केवल उनका व्यक्तिगत मामला नहीं है बल्कि यह प्रश्न भी महत्वपूर्ण है कि किसी नागरिक के विरुद्ध करोड़ों रुपये की मांग निर्धारित करते समय क्या उसे मांग की पूरी गणना और उसके आधार की जानकारी दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि वह इस मामले में उपलब्ध सभी वैधानिक उपायों का सहारा लेंगे और तथ्यों के आधार पर अपना पक्ष सक्षम आयकर एवं अपीलीय प्राधिकारियों के समक्ष रखेंगे।
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