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सनातन समर्थक सभी शक्तियों से समर्थन लेकर मनु महोत्सव मनाएगा आर्य समाज

सनातन समर्थक सभी शक्तियों से समर्थन लेकर मनु महोत्सव मनाएगा आर्य समाज

फरीदाबाद। यहां पर आर्य समाज फरीदाबाद की केंद्रीय सभा के आर्यजनों को संबोधित करते हुए सुप्रसिद्ध इतिहासकार और आर्य प्रतिनिधि सभा जनपद गौतम बुद्ध नगर के अध्यक्ष डॉ राकेश कुमार आर्य ने कहा कि सनातन समर्थक सभी शक्तियों का सहयोग लेकर आर्य समाज के सौजन्य से आगामी अक्टूबर माह में मनु महोत्सव संपन्न किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महर्षि दयानंद जी पहले व्यक्ति थे जिन्होंने मनु महाराज के राजनीतिक चिंतन पर सत्यार्थ प्रकाश का पूरा एक समुल्लास लिखा। उन्होंने वर्तमान संविधान के लिए मनु महाराज के माध्यम से अनेक प्रावधानों को यथावत प्रदान किया। जिसकी इच्छा स्पष्ट रूप से भारत के वर्तमान संविधान पर दिखाई देती है, परंतु दुर्भाग्य से हम लोग शक्ति पृथक्करण जैसे विभिन्न प्रावधानों को बाहरी देशों की देन मानते हैं। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल के बड़े भाई विट्ठल भाई पटेल ने स्वराज पार्टी के संस्थापक नेता के रूप में 1925 में कहा था कि महर्षि दयानंद के चिंतन को लेकर ही पिछले 40 वर्ष में कांग्रेस आगे बढ़ी। यदि महर्षि दयानंद जी के चिंतन पर पिछले 60 वर्ष से काम किया जाता तो हम बहुत पहले आजाद हो गए होते। उन्होंने कहा कि विट्ठल भाई पटेल जी की यह भी मान्यता थी कि देश को पंचायती राज का दर्शन देने वाले सबसे पहले व्यक्ति महर्षि दयानंद थे।
डॉ आर्य ने केंद्रीय आर्य सभा फरीदाबाद के सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का इस बात के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया कि जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम महर्षि दयानंद सरस्वती अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा रखने को लेकर पिछले दिनों ग्रेटर कैलाश नई दिल्ली आर्य समाज में आयोजित किए गए आर्य धर्म संसद के कार्यक्रम में उन्होंने बड़ी संख्या में भाग लिया। इस अवसर पर जेवर अंतरराष्ट्रीय नामकरण संघर्ष समिति के सह संयोजक डॉ धर्मप्रकाश आर्य ने कहा कि अभी हवाई अड्डे के नाम को लेकर यह पहला कदम है। इसके बाद अभी हमें अग्रिम रूपरेखा पर भी काम करना होगा। जिसके लिए आगामी 13 सितंबर को ग्रेटर नोएडा में एक विशेष बैठक का आयोजन कर संचालन समिति का गठन किया जाएगा। इसी अवसर पर धन संग्रह समिति का भी गठन किया जाएगा। दो धर्म प्रकाश आर्य ने कहा कि महर्षि दयानंद जी पहले व्यक्ति थे जिन्होंने 1857 क्रांति का बिगल फूंका था। इस प्रकार उन्होंने ही भारत के क्रांतिकारी आंदोलन की नीँव रखी थी। भाषा प्रचारिणी सभा के जिलाध्यक्ष ब्रह्मचारी आर्य सागर ने कहा कि महर्षि दयानंद जी का भारत के स्वाधीनता आंदोलन में ऐतिहासिक योगदान रहा है। उन जैसे महान व्यक्तित्व को उचित सम्मान और स्थान दिलाना आर्य समाज की प्राथमिकता है। इस बैठक के आयोजक संयोजक डॉ गजराज सिंह आर्य ने कहा कि केंद्रीय आर्य सभा फरीदाबाद महर्षि दयानंद जी के नाम से जेवर एयरपोर्ट का नाम करवाने के संघर्ष में बढ़-चढ़कर अपना योगदान देगी। उन्होंने कहा कि आर्य समाज ने जिस प्रकार हर क्षेत्र में अपने आप को अग्रिम भूमिका में रखा है, उसी प्रकार हम अब भी काम करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि आज के संदर्भ में प्रत्येक आर्य जन को एक दूसरे का हाथ पकड़ कर एक दूसरे का सहयोगी बनकर आगे बढ़ना होगा। क्योंकि संगठन की शक्ति में ही बल होता है। कार्यक्रम में श्री प्रणीत गोयल और श्री सुधीर कुमार बंसल ने भी अपने विचार व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी स्वयं गुजरात से हैं,इसलिए उन्हें गुजराती मूल के ही मूलशंकर अर्थात महर्षि दयानंद जी के नाम से जेवर एयरपोर्ट का नाम करने में किसी प्रकार की हिचक नहीं दिखानी चाहिए।
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