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सैनिक भाइयों की कलाइयों पर बंधा बहनों का स्नेह, रक्षासूत्र में गूंथी राष्ट्रभक्ति

सैनिक भाइयों की कलाइयों पर बंधा बहनों का स्नेह, रक्षासूत्र में गूंथी राष्ट्रभक्ति

  • जीबीएम कॉलेज की एनसीसी कैडेटों व एनएसएस स्वयंसेवकों ने सैनिकों को बांधीं स्वनिर्मित राखियां, तिलक-मिठाई से किया सम्मान

गया। सरहद पर देश की रक्षा में तैनात सैनिकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए गौतम बुद्ध महिला कॉलेज की छात्राओं ने इस बार रक्षाबंधन को एक भावनात्मक और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत अवसर में बदल दिया। कॉलेज की एनसीसी कैडेटों एवं एनएसएस स्वयंसेवकों ने गया कॉलेज परिसर में एनसीसी 6 बिहार बटालियन के प्रशिक्षण शिविर में पहुंचकर सैनिक भाइयों, एनसीसी प्रशिक्षकों और कैडेटों की कलाइयों पर अपने हाथों से तैयार की गई रंग-बिरंगी राखियां बांधीं। तिलक, अक्षत और मिठाई के साथ जब छात्राओं ने सैनिकों की कलाइयों पर रक्षासूत्र सजाया तो पूरा वातावरण भाईचारे, सम्मान और देशभक्ति की भावना से सराबोर हो उठा।

कॉलेज की प्रधानाचार्या डॉ. सीमा पटेल के निर्देश पर आयोजित इस विशेष रक्षाबंधन कार्यक्रम का शुभारंभ एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. कुमारी रश्मि प्रियदर्शनी एवं एनसीसी केयर टेकर ऑफिसर डॉ. नगमा शादाब ने किया। दोनों अधिकारियों ने सूबेदार अरविंद शर्मा, सूबेदार कुमुद कुमार, सूबेदार श्याम भगत, हवलदार योगेंद्र सिंह एवं सीताराम की कलाइयों पर रक्षासूत्र बांधकर कार्यक्रम की शुरुआत की।

इसके बाद एनएसएस स्वयंसेवकों एवं एनसीसी कैडेटों ने सैनिकों, एनसीसी प्रशिक्षकों तथा कैडेटों को तिलक लगाया, अक्षत छिड़का और स्वनिर्मित राखियां बांधकर उनके प्रति अपना सम्मान प्रकट किया। छात्राओं ने भाइयों को मिठाई खिलाकर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान छात्राओं के चेहरे पर उत्साह और सैनिक भाइयों के चेहरों पर आत्मीयता और खुशी देखते ही बन रही थी।

कार्यक्रम में एनएसएस वॉलेंटियर शिवानी सिंह, भारती कुमारी, संचिता कुमारी, कशिश कुमारी एवं श्रुति कुमारी के साथ एनसीसी कैडेट प्रीति कुमारी, साक्षी कुमारी, पूजा कुमारी, प्रिया कुमारी, रूबी, रितु, कुमकुम, स्नेहा, नंदनी, रिंकी, शाहीन परवीन, सुहानी कुमारी, रागिनी कुमारी, संध्या, अनुराधा, सलोनी एवं भारती ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
‘सैनिक हैं, तभी देश की माताएं-बहनें सुरक्षित हैं’

कार्यक्रम में देश के वीर जवानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए डॉ. कुमारी रश्मि प्रियदर्शनी ने कहा कि सैनिकों का जीवन त्याग, तपस्या, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का प्रतीक है। वे दिन-रात देश की सुरक्षा के लिए समर्पित रहते हैं। “देश के सैनिक हैं, तभी देश और देश की माताएं एवं बहनें सुरक्षित हैं। हम सभी अपने सैनिक भाइयों के ऋणी हैं।”

उन्होंने कहा कि एनसीसी केवल सैन्य प्रशिक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि युवाओं में चरित्र निर्माण, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, भाईचारा, जिम्मेदारी और देशभक्ति की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण मंच है। ऐसे कार्यक्रम युवाओं को राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व का एहसास कराते हैं।
‘राखी में समाया स्नेह और शुभकामनाओं का संदेश’

एनसीसी केयर टेकर ऑफिसर डॉ. नगमा शादाब ने कहा कि छात्राओं द्वारा स्वयं तैयार की गई राखियां केवल धागे नहीं, बल्कि उनमें बहनों का स्नेह, सम्मान और शुभकामनाएं समाहित हैं। सैनिक भाइयों की कलाइयों पर रक्षासूत्र बांधना छात्राओं के लिए गर्व और गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के बीच प्रेम, विश्वास और सुरक्षा के पवित्र रिश्ते का प्रतीक है।
सावन महोत्सव के तहत हुआ आयोजन

रक्षाबंधन के इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन सावन महोत्सव के तहत किया गया। कार्यक्रम का संयोजन गौतम बुद्ध महिला कॉलेज की एनसीसी इकाई, एनएसएस इकाई एवं कला परिषद ने संयुक्त रूप से किया।

कार्यक्रम ने रक्षाबंधन की पारंपरिक भावना को सैनिकों के प्रति सम्मान और राष्ट्रप्रेम से जोड़ते हुए यह संदेश दिया कि देश की सुरक्षा में अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले सैनिकों के साथ पूरा समाज खड़ा है। छात्राओं द्वारा बांधा गया प्रत्येक रक्षासूत्र मानो सैनिक भाइयों के प्रति कृतज्ञता, विश्वास और सम्मान का संकल्प बन गया।

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