Advertisment1

यह एक धर्मिक और राष्ट्रवादी पत्रिका है जो पाठको के आपसी सहयोग के द्वारा प्रकाशित किया जाता है अपना सहयोग हमारे इस खाते में जमा करने का कष्ट करें | आप का छोटा सहयोग भी हमारे लिए लाखों के बराबर होगा |

भाई बहिन का मिलन

भाई बहिन का मिलन

आज मैं बहुत खुश हूँ
अपनी बहिन से मिलकर।
सालों के बाद मिला हूँ
बहिना से रक्षा बंधन पर।।


हम दुनिया की भीड़ में
देखो कितना खो गये।
जिसके कारण ही हम
न मिल पाए बहिन से।।


रिश्तों को हमें समझना है
किसको कितना मान देना है।
इसलिए दिल से कहता हूँ
भाई-बहिन का रिश्ता प्यारा है।।


आज भी बचपन की यादें
आँखों में बहुत दिख रही है।
तेरे त्याग बलिदान के कारण
मैं काबिल बन पाया हूँ।।


तेरी त्याग का फल मुझे
आज तक मिल रहा है।
पर मैं आभागा सालों बाद
बहिन से मिल पाया हूँ।।


तेरी मेहनत मेरी किस्मत ने
मुझे विदेश भेज दिया।
कुछ करने की जिद्द ने
मुझे अंधा बेहरा बना दिया।।


कामयाबी तो हासिल कर ली
पर बहिन को भूला दिया।
पैसे कमाने की होड़ ने
अपने रिश्तों को भूला दिया।।


जय जिनेंद्र
संजय जैन "बीना" मुंबई
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे फेसबुक पेज से जुड़े https://www.facebook.com/divyarashmimag हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews हमें ट्विटर पर फॉलो करे :- https://x.com/DivyaRashmi8

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ