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पटना में क्षेत्रीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ, विभिन्न राष्ट्रीय सर्वेक्षणों की दी गई विस्तृत जानकारी

पटना में क्षेत्रीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ, विभिन्न राष्ट्रीय सर्वेक्षणों की दी गई विस्तृत जानकारी

पटना, 22 जून 2026।
भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (क्षेत्र संचालन प्रभाग), क्षेत्रीय कार्यालय पटना द्वारा होटल ए.वी.आर., पटना में 22 जून से 25 जून 2026 तक आयोजित चार दिवसीय क्षेत्रीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया गया। इस प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य अखिल भारतीय ऋण एवं निवेश सर्वेक्षण, कृषि आधारित परिवारों का परिस्थिति आकलन सर्वेक्षण तथा प्रवासन सर्वेक्षण के सफल एवं प्रभावी संचालन हेतु क्षेत्रीय अधिकारियों एवं गणनाकारों को प्रशिक्षित करना है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में सांख्यिकीय सर्वेक्षणों के महत्व, डेटा संग्रहण की वैज्ञानिक पद्धतियों, डिजिटल उपकरणों के उपयोग तथा सर्वेक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि देश की आर्थिक, सामाजिक एवं ग्रामीण विकास संबंधी नीतियों के निर्माण में इन सर्वेक्षणों से प्राप्त आंकड़ों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

कार्यक्रम में उप महानिदेशक (Deputy Director General) श्री रोशन लाल साहू मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि विश्वसनीय और सटीक आंकड़े किसी भी राष्ट्र की विकास योजनाओं की आधारशिला होते हैं। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से सर्वेक्षण कार्य को पूरी निष्ठा, पारदर्शिता एवं जिम्मेदारी के साथ संपन्न करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि परिवारों की वास्तविक स्थिति, ऋण एवं निवेश के स्वरूप तथा प्रवासन के बदलते रुझानों को समझने में ये सर्वेक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

इस अवसर पर सहायक निदेशक श्री परिमल ने प्रशिक्षण शिविर की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए विभिन्न सत्रों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सर्वेक्षण प्रश्नावली, उत्तरदाताओं से संवाद की तकनीक, आंकड़ों की शुद्धता तथा फील्ड में आने वाली चुनौतियों के समाधान के बारे में विस्तार से प्रशिक्षित किया जाएगा।

कार्यक्रम में सहायक निदेशक श्री राजीव कुमार झा, सहायक निदेशक श्री गौरव कुमार तथा सहायक निदेशक श्री रश्मि रंजन भी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विषयों पर प्रतिभागियों को मार्गदर्शन प्रदान किया और सर्वेक्षण कार्य को गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए आवश्यक सुझाव दिए।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को अखिल भारतीय ऋण एवं निवेश सर्वेक्षण के माध्यम से परिवारों की आर्थिक स्थिति, ऋण भार, बचत एवं निवेश के पैटर्न का अध्ययन करने की प्रक्रिया समझाई गई। वहीं कृषि आधारित परिवारों का परिस्थिति आकलन सर्वेक्षण किसानों की आय, कृषि लागत, संसाधनों की उपलब्धता तथा जीवन स्तर का आकलन करने में सहायक होगा। इसके अतिरिक्त प्रवासन सर्वेक्षण के माध्यम से रोजगार, शिक्षा तथा अन्य कारणों से होने वाले पलायन के सामाजिक एवं आर्थिक प्रभावों का अध्ययन किया जाएगा।

अधिकारियों ने बताया कि इन सर्वेक्षणों से प्राप्त आंकड़े केंद्र एवं राज्य सरकारों को नीतिगत निर्णय लेने, कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी बनाने तथा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के संतुलित विकास की दिशा में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करेंगे।

चार दिनों तक चलने वाले इस प्रशिक्षण शिविर में बिहार सहित क्षेत्र के विभिन्न जिलों से आए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को व्यावहारिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे आगामी सर्वेक्षणों को अधिक सटीक, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाया जा सके।

कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने आशा व्यक्त की कि प्रशिक्षित कार्मिक राष्ट्रीय महत्व के इन सर्वेक्षणों को सफलतापूर्वक संपन्न कर देश के सांख्यिकीय तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

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