Advertisment1

यह एक धर्मिक और राष्ट्रवादी पत्रिका है जो पाठको के आपसी सहयोग के द्वारा प्रकाशित किया जाता है अपना सहयोग हमारे इस खाते में जमा करने का कष्ट करें | आप का छोटा सहयोग भी हमारे लिए लाखों के बराबर होगा |

विश्व संगीत दिवस कार्यक्रम पर उठे सवाल

विश्व संगीत दिवस कार्यक्रम पर उठे सवाल

  • क्या कला एवं संस्कृति विभाग बिहार की समृद्ध संगीत परंपरा को सीमित दायरे में समेट रहा है?

पटना, 22 जून।
विश्व संगीत दिवस के अवसर पर बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम अब सवालों के घेरे में आ गया है। सांस्कृतिक जगत से जुड़े कई लोगों और पत्रकारों का मानना है कि विभाग ने पूरे बिहार की संगीत परंपरा का प्रतिनिधित्व करने के बजाय आयोजन को केवल अपने नियंत्रणाधीन एक संस्था तक सीमित कर दिया, जिससे राज्य के अन्य संगीत संस्थानों, घरानों और कलाकारों की उपेक्षा हुई है।

गौरतलब है कि इसी माह बिहार ललित कला अकादमी में आयोजित एक कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा था कि विभाग पूरे बिहार का विभाग है और भविष्य में राज्य के सभी क्षेत्रों से प्रतिभागियों को अवसर देने की व्यवस्था की जाएगी। लेकिन विश्व संगीत दिवस पर भारतीय नृत्य कला मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में इस सोच का विस्तार दिखाई नहीं दिया।

एक संस्था तक सीमित क्यों रहा आयोजन?


सवाल उठ रहा है कि जब कला एवं संस्कृति विभाग पूरे राज्य का प्रतिनिधित्व करता है, तब विश्व संगीत दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर राजधानी और राज्य के अन्य संगीत संस्थानों, लोक एवं शास्त्रीय संगीत के साधकों तथा विभिन्न संगीत घरानों को मंच क्यों नहीं दिया गया?

सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि बिहार की संगीत परंपरा केवल एक संस्था तक सीमित नहीं है। राज्य में ध्रुपद, ठुमरी, लोकगीत, चैती, कजरी, बिरहा, भक्ति संगीत और अनेक लोक परंपराओं के साधक वर्षों से संगीत साधना कर रहे हैं। ऐसे में विश्व संगीत दिवस पर उनकी सहभागिता सुनिश्चित करना विभाग की जिम्मेदारी थी।

संगीत घरानों की स्थिति पर मौन क्यों?


कार्यक्रम में विभाग के सचिव ने कहा कि संगीत नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करता है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि राज्य के पारंपरिक संगीत घरानों और गुरुओं को संरक्षण देने के लिए विभाग क्या ठोस कदम उठा रहा है।

सवाल यह भी है कि जब अनेक संगीत घराने और गुरु आर्थिक संकट एवं संस्थागत उपेक्षा का सामना कर रहे हैं, तब नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का लक्ष्य कैसे पूरा होगा? यदि आश्रय, अवसर और प्रोत्साहन नहीं मिलेगा तो संगीत संस्कारों का विकास किस प्रकार संभव होगा?

विभाग की भूमिका पर भी प्रश्न


कार्यक्रम में संस्कृति निदेशक ने कहा कि संगीत मानव जीवन को संवेदनशीलता, सकारात्मकता और रचनात्मकता से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। लेकिन सांस्कृतिक जगत के लोगों का प्रश्न है कि इस दिशा में विभाग और भारतीय नृत्य कला मंदिर द्वारा अब तक कौन-से ठोस एवं व्यापक प्रयास किए गए हैं?

कौन-कौन से कलाकार, संगीत गुरु और संस्थाएं हैं जिन्हें विभाग ने चिन्हित कर राज्य की संगीत विरासत के संरक्षण और संवर्धन का दायित्व सौंपा है? क्या ऐसे कलाकारों को पर्याप्त अवसर और मंच उपलब्ध कराए जा रहे हैं?
बिहार संगीत नाटक अकादमी के गठन की मांग

कई कलाकारों और सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि यदि सरकार वास्तव में बिहार की समृद्ध संगीत परंपरा के संरक्षण और विकास के प्रति गंभीर है, तो बिहार संगीत नाटक अकादमी को स्वायत्तशासी स्वरूप में पुनर्गठित किया जाना चाहिए। कलाकारों को नीति निर्माण और सांस्कृतिक गतिविधियों के संचालन में भागीदारी मिलनी चाहिए ताकि योजनाएं धरातल पर प्रभावी रूप से लागू हो सकें।

भविष्य के लिए चिंतन आवश्यक


विश्व संगीत दिवस का उद्देश्य केवल सांकेतिक आयोजन नहीं, बल्कि संगीत परंपराओं के संरक्षण, कलाकारों के सम्मान और नई पीढ़ी को सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है। ऐसे में यह आवश्यक है कि राज्य सरकार और कला एवं संस्कृति विभाग स्पष्ट करें कि बिहार की समृद्ध संगीत परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए कौन-कौन सी योजनाएं संचालित की जा रही हैं और उनमें राज्यभर के कलाकारों की सहभागिता किस प्रकार सुनिश्चित की जा रही है।सांस्कृतिक जगत का मानना है कि यदि इन सवालों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो बिहार की गौरवशाली संगीत परंपरा का भविष्य प्रभावित हो सकता है। विश्व संगीत दिवस का यह आयोजन इसलिए केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि विभागीय दृष्टिकोण और सांस्कृतिक नीतियों पर बहस का विषय बन गया है।

हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे फेसबुक पेज से जुड़े https://www.facebook.com/divyarashmimag हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews हमें ट्विटर पर फॉलो करे :- https://x.com/DivyaRashmi8

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ