इतिहासकार सत्येन्द्र कुमार पाठक को मिला ‘स्व. युगल किशोर मिश्र सम्मान 2026’, नवादा में जुटीं साहित्य और संस्कृति जगत की नामचीन हस्तियाँ

नवादा (बिहार)। साहित्य, संस्कृति और सामाजिक चेतना के संगम बने नवादा में रविवार को एक भव्य एवं गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें बिहार के विभिन्न जिलों से साहित्यकारों, कवियों, इतिहासकारों, रंगकर्मियों और कला प्रेमियों का महाजुटान देखने को मिला। अवसर था कोशिश फाउंडेशन, बुधौल (नवादा) द्वारा आयोजित ‘स्व. युगल किशोर मिश्र सम्मान समारोह 2026’ का, जो स्थानीय बिना पानी कॉलेज परिसर में संपन्न हुआ।
समारोह का मुख्य आकर्षण इस वर्ष का प्रतिष्ठित ‘स्व. युगल किशोर मिश्र सम्मान 2026’ रहा, जो सुप्रसिद्ध साहित्यकार एवं इतिहासकार सत्येन्द्र कुमार पाठक को प्रदान किया गया। उन्हें हिंदी एवं मगही साहित्य के संवर्धन, ऐतिहासिक शोध, सामाजिक सरोकारों तथा सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार में उनके उल्लेखनीय और दीर्घकालिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों और साहित्यप्रेमियों की तालियों की गड़गड़ाहट के बीच कोशिश फाउंडेशन की अध्यक्ष वीणा मिश्र ने सत्येन्द्र कुमार पाठक को स्मृति चिह्न, अंगवस्त्र एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि सत्येन्द्र कुमार पाठक का साहित्यिक और ऐतिहासिक लेखन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। उनके लेखन में समाज, संस्कृति और इतिहास के प्रति गहरी संवेदनशीलता दिखाई देती है।
साहित्य और रंगमंच की विभूतियों का हुआ सम्मान
समारोह में बिहार के विभिन्न क्षेत्रों से आए साहित्यकारों और कलाकारों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की। राजधानी पटना से विशेष रूप से पहुंचीं प्रसिद्ध कवयित्री आशा रघुदेव तथा वरिष्ठ रंगकर्मी नरेंद्र खुसर सिंह सहित अनेक साहित्यिक एवं सांस्कृतिक हस्तियों को भी मंच पर सम्मानित किया गया।
अपने संबोधन में आशा रघुदेव ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण ही नहीं, बल्कि उसकी दिशा तय करने वाला सशक्त माध्यम भी है। उन्होंने वर्तमान समय में साहित्यकारों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रचनाकारों को सामाजिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करना चाहिए।
वहीं वरिष्ठ रंगकर्मी नरेंद्र खुसर सिंह ने रंगमंच की सामाजिक उपयोगिता पर चर्चा करते हुए कहा कि कला और रंगमंच समाज में जागरूकता लाने तथा सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा देने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने नवादा जैसे सांस्कृतिक रूप से समृद्ध क्षेत्र में ऐसे आयोजनों को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
कविताओं और विचारों से सजी सांस्कृतिक संध्या
समारोह के दौरान कवियों और साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं का पाठ किया, जिसे उपस्थित श्रोताओं ने काफी सराहा। कवयित्रियों की भावपूर्ण प्रस्तुतियों तथा रंगकर्मियों के अनुभवों ने पूरे वातावरण को साहित्यिक और सांस्कृतिक ऊर्जा से भर दिया। कार्यक्रम में साहित्य, संस्कृति, इतिहास और सामाजिक सरोकारों पर गंभीर विमर्श भी हुआ।
वक्ताओं ने कहा कि आज के दौर में जब समाज तेजी से बदल रहा है, तब साहित्य और संस्कृति की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। ऐसे आयोजन न केवल रचनात्मक प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य भी करते हैं।
अतिथियों का हुआ भव्य स्वागत
कार्यक्रम की शुरुआत अत्यंत आत्मीय वातावरण में हुई। कोशिश फाउंडेशन, बुधौल के सचिव नीरज कुमार ने सभी आगंतुक अतिथियों, साहित्यकारों, कलाकारों और दर्शकों का स्वागत किया। अपने स्वागत भाषण में उन्होंने फाउंडेशन की गतिविधियों और उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्था का उद्देश्य समाज में रचनात्मक और सकारात्मक कार्यों को प्रोत्साहित करना है।
उन्होंने कहा कि स्व. युगल किशोर मिश्र की स्मृति में आयोजित यह सम्मान समारोह उन प्रतिभाओं को पहचान और सम्मान देने का प्रयास है, जो अपने कार्यों के माध्यम से समाज को वैचारिक रूप से समृद्ध बना रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नवादा की धरती ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रही है तथा यहां की साहित्यिक परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे आयोजनों का निरंतर आयोजन आवश्यक है।
नवादा की सांस्कृतिक पहचान को मिला नया आयाम
समारोह में उपस्थित विभिन्न वक्ताओं ने नवादा की साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत की चर्चा करते हुए कहा कि यह जिला केवल अपने ऐतिहासिक महत्व के लिए ही नहीं, बल्कि समकालीन साहित्य, कला और रंगमंच की गतिविधियों के लिए भी जाना जाता है। ऐसे आयोजन स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का कार्य करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान साहित्य, इतिहास, समाज सेवा और सांस्कृतिक संरक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रहे अनेक लोगों ने एक-दूसरे के अनुभव साझा किए तथा भविष्य में साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को और अधिक व्यापक बनाने पर विचार-विमर्श किया।अंत में आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। धन्यवाद ज्ञापन के साथ समारोह का सफलतापूर्वक समापन हुआ। यह आयोजन नवादा की सांस्कृतिक एवं साहित्यिक परंपरा को नई ऊर्जा देने वाला साबित हुआ और उपस्थित लोगों के लिए लंबे समय तक स्मरणीय रहेगा।
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