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विश्वास और आस्था

विश्वास और आस्था

मेरी तेरे से लगन लगी
सो मानव जन्म पाया है।
जब से जन्म लिया मैंने
तब से तुमको माना है।
अपने जीवन का आधार
बस तुमको ही माना है।
इसलिए ठाकुर जी तुमसे
जन्म-जन्म का रिश्ता है।।


मरते दम तक साथ न छूटे
ऐसी कृपा बस तुम रखना।
जीवन नैया जब भी फसे
तो आ जाना कन्हैया तुम।
तेरे शिवा और कोई नही है
इस पापी संसार में।
इसलिए जपता रहता हूँ
नाम तेरा मैं बारम्बार।।


जिस-जिसने तेरा नाम जपा
उन सबका कल्याण हुआ।
लाख बुराइयाँ होकर भी
ठाकुर जी ने साथ दिया।
दुखसे उभारा सुखको दिखाया
तेरे जीवन का उद्धार किया।
बस आस्था को जिंदा रखना
जिससे तेरा विश्वास बढ़ेगा।।


जय जिनेंद्र
संजय जैन "बीना" मुंबई
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