पीएमसीएच–एनएमसीएच में जिलाधिकारी के निर्देश पर फ्लाइंग स्क्वायड की बड़ी कार्रवाई, दलाल गिरफ्तार, सफाई कर्मी सेवामुक्त

पटना।
जिलाधिकारी, पटना के स्पष्ट निर्देश पर आज जिला प्रशासन द्वारा गठित फ्लाइंग स्क्वायड (धावा दल) ने राज्य के दो प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों—पीएमसीएच एवं एनएमसीएच—में औचक निरीक्षण (रेड) किया। इस कार्रवाई के दौरान पीएमसीएच परिसर से एक सक्रिय दलाल को रंगे हाथों पकड़कर स्थानीय थाना को सौंप दिया गया, वहीं मरीजों एवं उनके परिजनों से अवैध रूप से पैसे लेते पकड़े जाने पर एक महिला सफाई कर्मी को तत्काल प्रभाव से सेवामुक्त (टर्मिनेट) कर दिया गया।
जिलाधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार के आदेश के आलोक में जिला प्रशासन, पटना द्वारा सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में नियमित एवं आकस्मिक निरीक्षण कराया जा रहा है, ताकि अस्पताल परिसरों में व्याप्त अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। इस उद्देश्य से गठित जांच दल में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल हैं।
पीएमसीएच में अपर जिला दंडाधिकारी (नगर व्यवस्था) के नेतृत्व में दो सिटी मजिस्ट्रेट, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (स्वास्थ्य) तथा पुलिस पदाधिकारियों की टीम ने ओपीडी, दवा वितरण केंद्र, पैथोलॉजी सेंटर, इमरजेंसी वार्ड, ब्लड बैंक एवं स्टोर का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति शमीम अख्तर, जो स्वयं को इमामगंज, छपरा का निवासी बता रहा था, को मरीजों एवं उनके परिजनों से अवैध वसूली एवं दोहन में संलिप्त पाया गया। धावा दल ने उसे मौके पर ही पकड़कर विधिसम्मत कार्रवाई हेतु स्थानीय थाना को सौंप दिया। अस्पताल प्रशासन द्वारा इस संबंध में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है।

इसी क्रम में पीएमसीएच में एक महिला सफाई कर्मी को मरीजों/परिजनों से अवैध रूप से पैसे लेते हुए पकड़ा गया, जिसे तत्काल प्रभाव से सेवा से मुक्त कर दिया गया। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि अस्पताल परिसर में बाहरी एम्बुलेंस के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है तथा अस्पताल प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि बिचौलियों एवं दलालों की गतिविधियों पर पूरी तरह रोक सुनिश्चित की जाए।
वहीं, एनएमसीएच में अनुमंडल पदाधिकारी, पटना सिटी के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा विभिन्न वार्डों एवं काउंटरों पर छापेमारी की गई। हालांकि वहां निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि नहीं पाई गई। फिर भी अस्पताल प्रशासन को सरकार के निर्देशों के अनुरूप पारदर्शी, संवेदनशील एवं उत्तरदायी तरीके से मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन को लगातार ऐसी सूचनाएं मिल रही थीं कि कुछ निजी नर्सिंग होम, जांच केंद्र एवं दवा प्रतिष्ठानों से जुड़े कर्मी सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को गुमराह कर निजी संस्थानों में इलाज, जांच एवं दवा खरीदने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। ऐसे तत्वों के विरुद्ध सरकारी चिकित्सा सुविधाओं से आम जनता को वंचित करने तथा लोक-कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा पहुंचाने के आरोप में सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, इन अवैध गतिविधियों में संलिप्त सरकारी कर्मियों को भी चिन्हित कर उनके विरुद्ध कठोर कदम उठाए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि आम नागरिकों को उत्कृष्ट, सुलभ एवं नि:शुल्क स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी पदाधिकारी इस दायित्व के प्रति सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहें। किसी भी प्रकार की लापरवाही, शिथिलता या अनियमितता को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध विधिसम्मत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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