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बजट 2026-27: आम आदमी की जेब, सरकार की सोच और भारत का आर्थिक भविष्य

बजट 2026-27: आम आदमी की जेब, सरकार की सोच और भारत का आर्थिक भविष्य

Divya Rashmi News | डिजिटल सम्पादकीय
✍️ डॉ. राकेश दत्त मिश्र

भारत का आम बजट हर वर्ष करोड़ों लोगों की उम्मीदों, आशंकाओं और भविष्य की योजनाओं से जुड़ा होता है। केंद्रीय बजट 2026-27 भी इससे अलग नहीं है। यह बजट सवालों से ज़्यादा संकेत देता है—संकेत इस बात के कि सरकार तत्काल राहत के बजाय दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता को प्राथमिकता दे रही है।

लेकिन बड़ा प्रश्न यही है—
क्या बजट 2026 आम जनता के जीवन को आज बेहतर बनाता है या सिर्फ कल का सपना दिखाता है?

बजट 2026 की मूल सोच: लोकलुभावन नहीं, नीति-प्रधान

बजट 2026-27 को अगर एक पंक्ति में समझना हो तो कहा जा सकता है—
👉 यह “फायदा बाँटने” का नहीं, “आधार बनाने” का बजट है।

सरकार ने इस बजट में—

· इंफ्रास्ट्रक्चर विकास

· पूंजीगत व्यय (Capex)

· निवेश-अनुकूल वातावरण

· वित्तीय अनुशासन

पर सबसे अधिक ज़ोर दिया है। इसका सीधा अर्थ है कि सरकार भविष्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर दांव लगा रही है, भले ही आज की लोकप्रियता कम हो जाए।

मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा: टैक्स में राहत क्यों नहीं?

Budget 2026 Middle Class Impact की बात करें तो सबसे बड़ा मुद्दा इनकम टैक्स रहा।
हकीकत क्या है?

· आयकर स्लैब में कोई नई छूट नहीं

· मौजूदा टैक्स सिस्टम यथावत

· EMI, महँगाई और शिक्षा-स्वास्थ्य खर्च से जूझते वर्ग को सीधी राहत नहीं

यह फैसला आर्थिक दृष्टि से स्थिरता का प्रतीक हो सकता है, लेकिन सामाजिक दृष्टि से मध्यम वर्ग खुद को फिर उपेक्षित महसूस करता है।

👉 यह बजट मध्यम वर्ग को खुश नहीं करता, पर डराता भी नहीं।

गरीब और निम्न आय वर्ग: नकद नहीं, काम

Budget 2026 for Poor and Labour Class में सरकार की सोच स्पष्ट है—

· सीधी नकद सहायता नहीं

· लेकिन सड़क, आवास, जल, बिजली और निर्माण परियोजनाओं में निवेश

इसका अर्थ है कि असंगठित क्षेत्र और मजदूर वर्ग को रोजगार के अवसर मिल सकते हैं।

हालाँकि, यह भी सच है कि—

जिनके लिए आज की जरूरत सबसे बड़ी है, उनके लिए यह राहत धीमी है।

किसान और ग्रामीण भारत: तकनीक बनाम ज़मीन का सच

Budget 2026 Agriculture Analysis बताता है कि इस बार किसान को भावनाओं से नहीं, तकनीक से जोड़ा गया है।

· डिजिटल कृषि

· AI आधारित सलाह

· लॉजिस्टिक्स सुधार

लेकिन MSP, कर्ज माफी या सीधी आय सहायता जैसी घोषणाओं का अभाव किसानों में असंतोष भी छोड़ता है।

👉 यह बजट किसान को उद्यमी बनाना चाहता है,
पर संकट में फंसे किसान को तुरंत सहारा नहीं देता।

MSME और छोटे व्यापारी: अवसरों का बजट

यदि कोई वर्ग इस बजट में अपेक्षाकृत संतुलित दिखता है, तो वह है MSME सेक्टर।

Budget 2026 MSME Benefits में—

· SME Growth Fund

· आसान ऋण

· उद्योग और स्टार्टअप को प्रोत्साहन

रोजगार सृजन की असली उम्मीद यहीं से जुड़ी है। लेकिन भारत में हमेशा की तरह सवाल यही है—
घोषणाएँ ज़मीन तक कितनी जल्दी पहुँचेंगी?

निवेशक और बाजार: धैर्य रखने वालों का समय

Budget 2026 Investment Outlook यह संकेत देता है कि—

· यह बजट शॉर्ट-टर्म मुनाफे के लिए नहीं

· बल्कि लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए है

इंफ्रास्ट्रक्चर, डिफेंस, हेल्थ और लॉजिस्टिक्स सेक्टर आने वाले वर्षों में निवेश के प्रमुख क्षेत्र बन सकते हैं।

नीति-स्थिरता इस बजट का सबसे बड़ा सकारात्मक पक्ष है।

तो बजट 2026 आखिर आम जनता के लिए कैसा है?
सकारात्मक पक्ष

✔ दीर्घकालिक विकास पर फोकस
✔ रोजगार सृजन की संभावना
✔ निवेश और उद्योग के लिए स्थिर माहौल
नकारात्मक पक्ष

✖ मध्यम वर्ग को तत्काल राहत नहीं
✖ किसानों और पेंशनभोगियों के लिए सीमित घोषणाएँ
✖ महँगाई से सीधी लड़ाई का अभाव

Divya Rashmi News का निष्कर्ष

बजट 2026-27 तालियों के लिए नहीं, इतिहास के लिए बनाया गया बजट है।
यह आम आदमी से कहता है—

आज थोड़ा धैर्य रखो, कल का भारत मजबूत होगा।

लेकिन लोकतंत्र में यह सवाल हमेशा जीवित रहेगा—
क्या आम आदमी का वर्तमान इतना सस्ता है कि उसे केवल भविष्य के भरोसे छोड़ा जा सके?

✍️ डिजिटल सम्पादकीय

डॉ. राकेश दत्त मिश्र
वित्तीय एवं आर्थिक सलाहकार

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