Advertisment1

यह एक धर्मिक और राष्ट्रवादी पत्रिका है जो पाठको के आपसी सहयोग के द्वारा प्रकाशित किया जाता है अपना सहयोग हमारे इस खाते में जमा करने का कष्ट करें | आप का छोटा सहयोग भी हमारे लिए लाखों के बराबर होगा |

अभी अभी तेरा ख्याल आया है

अभी अभी तेरा ख्याल आया है

अरुण दिव्यांश
कुछ विशेष ले ये साल आया है ,
जैसे भू में नया भूचाल आया है ,
खोया तो था मैं कहीं और मगर ,
अभी अभी तेरा ख्याल आया है ।
नहीं मालूम तुम मेरी दुम हो गई ,
मेरी नजरों में ऐसे तू गुम हो गई ,
मैंने तो समझा किसी और को ,
मुझे क्या पता वही तुम हो गई ।
मैं दुःखी था तुम तो रो गई हो ,
किसी की याद में तुम खो गई हो ,
बसा कोई और है हृदय में तेरे ,
मेरे राह में ही काॅंटे तू बो गई हो ।
मैंने समझा लंबी नींद सो ग‌ई हो ,
उस मार्ग से तुम तो दो ग‌ई हो ,
कल तक तो तुम थी ही मेरी ,
अब तुम दूसरे की हो गई हो ।
अभी तक मैं खोया और कहीं ,
अचानक लगा इम्फाल आया ,
जैसे था मैं सपनों में ही खोया ,
अभी अभी तेरा ख्याल आया ।
पूर्णतः मौलिक एवं
अप्रकाशित रचना
अरुण दिव्यांश
छपरा ( सारण )बिहार ।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews #Divya Rashmi News, #दिव्य रश्मि न्यूज़ https://www.facebook.com/divyarashmimag

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ