शाम आई है तो रात भी होगी ज्योतींद्र मिश्र शाम आई है तो रात भी होगी,होगी तुमसे फिर मुलाकात भी होगी,ह…
Read more »बात दिल की सबसे कही नहीं जाती डॉ. मेधाव्रत शर्मा, डी•लिट• (पूर्व यू.प्रोफेसर) बात दिल की सबसे कही न…
Read more »हर्गिज़ न तंग होने दो| डॉ. मेधाव्रत शर्मा, डी•लिट• (पूर्व यू.प्रोफेसर) हर्गिज़ न तंग होने दो जिंदगी…
Read more »श्री गणेशाय नम: 14 दिसम्बर 2024, शनिवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रह…
Read more »क्रांतिकारी संन्यासी और भारत की राजनीति डॉ राकेश कुमार आर्य कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे उत्…
Read more »श्री गणेशाय नम: 13 दिसम्बर 2024, शुक्रवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा …
Read more »घर में घुसकर मारेंगे भारत देश महान है, देशभक्तों की खान है। हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सब इसके सं…
Read more »मैं, मैं नहीं (डॉ. मुकेश असीमित) मैं, मैं नहीं, मैं मेरा अहम्, क्या यह शरीर हूँ मैं ? कदापि नहीं— ए…
Read more »सपने मोहब्बत के गीत लिखू या गजल लिखू सब में तेरा नाम है। प्यार मोहब्बत की बातों में तेरा ही इकरार ह…
Read more »पड़ोसी था दोस्त, दुश्मन हो गया। डॉ रामकृष्ण मिश्र पड़ोसी था दोस्त, दुश्मन हो गया। तंत्र के आतंक मे…
Read more »कलम का कमाल देख लो , क्या नहीं कलम बोलती है । बिना मुॅंह की होती कलम , फिर भी जुबान खोलती है ।। कलम…
Read more »भगवा सनातन संस्कृति की पहचान सृष्टि संग श्री गणेश बेला, जनमानस नैतिक मित्र । मानव अंतर देवत्व आभा, …
Read more »मदारी का खेल जय प्रकाश कुवंर हमलोग बचपन से लेकर अब तक एवं गाँव से लेकर शहर तक मदारी का खेल देखते चल…
Read more »पूर्वी सिंहभूम जिला अग्रवाल सम्मेलन के द्वारा संविधान का उल्लंघन किए जाने पर अनुमंडलाधिकारी कार्याल…
Read more »मुख्यमंत्री ने 109 मुफ्त औषधि वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना पटना, 12 दिसम्बर 2024:- मुख्यमंत…
Read more »ठिकाने जनार्दन द्विवेदी जब तुम्हारे ठिकानें पे ,,,,,,,,,,,,, हमको दुनिया के सब ठिकाने भूले, जब तुम्…
Read more »मुजफ्फरपुर और हाजीपुर में औद्योगिक विकास की समीक्षा, जीविका दीदियों और इंडस्ट्रियल इकाइयों का निरीक…
Read more »कुंठाएँ जब जीवन में घर कर लेती हैं, जीवन जीना वे मुश्किल कर देती हैं। पास सभी कुछ अपने फिर भी सोच र…
Read more »टूटते पुरूष तस्वीर के दो पहलू क्या कभी देखना चाहा तस्वीर के पीछे शायद नहीं। तुमने देखा मेरा चेहरा र…
Read more »मर्द का दर्द पंकज शर्मा धड़कनें हैं, मगर आवाज़ नहीं कहते हैं हम मर्द हैं, पत्थ…
Read more »आरोपों के पार ऋषि रंजन पाठक क्यों केवल मर्दों पर दोष लगाते हो, हर आँख में वासना का चश्मा दिखाते हो।…
Read more »भरोसा किया भारत ने जिसपर , उसी ने हमसे आज दगा किया । सो रहा था भारत जो अब तक , सोए शेर को उसने जगा …
Read more »सत्ता से उन्हें दूर भगा दो सुरेन्द्र कुमार रंजन देश के नेता कब सुधरेंगे, कब आएगी उनको अक्ल । अपनी स…
Read more »गीता मानवीय श्रम जीवन और कर्म की महिमा का अमर ग्रंथ है:- डॉक्टर विवेकानंद मिश्र गीता का संदेश का …
Read more »हम के देख के भागे लू। कुछ हमार तू लागे लू।। अब जब हम ए घर में आईं। दिखे ना तोहर परछाईं।। अब तो बचपन…
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अंग्रेजी नव वर्ष का अंधानुकरण छोड़ें, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा ही हमारा सच्चा नव वर्ष : धर्म चंद्र पोद्…
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