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पटना कलम पेंटिंग्स प्रदर्शनी में प्रतिभागियों ने बिखेरे कला के रंग भारतीय सांस्कृतिक निधि (INTACH) पटना चैप्टर की पहल, कला प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी प्रदर्शनी

पटना कलम पेंटिंग्स प्रदर्शनी में प्रतिभागियों ने बिखेरे कला के रंग भारतीय सांस्कृतिक निधि (INTACH) पटना चैप्टर की पहल, कला प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी प्रदर्शनी 

पटना।भारतीय सांस्कृतिक निधि (INTACH) पटना चैप्टर की ओर से आयोजित “पटना कलम पेंटिंग्स प्रदर्शनी” में प्रतिभागियों ने अपनी कलात्मक प्रतिभा और रचनात्मक सोच का शानदार प्रदर्शन किया। 18 से 20 सितंबर 2026 तक बिहार ललित कला अकादमी, फ्रेजर रोड, पटना में आयोजित इस प्रदर्शनी में विभिन्न प्रतिभागियों की कलाकृतियां प्रदर्शित की गई हैं। प्रदर्शनी में पारंपरिक भारतीय कला, स्थानीय संस्कृति, प्राकृतिक दृश्यों और विभिन्न विषयों पर आधारित चित्रों के माध्यम से कलाकारों ने अपनी कल्पनाशीलता को कैनवास पर उतारा है। प्रदर्शनी में आने वाले कला प्रेमियों को विभिन्न रंगों, शैलियों और विषय-वस्तुओं के माध्यम से पटना की समृद्ध सांस्कृतिक एवं कलात्मक परंपरा की झलक देखने को मिल रही है। प्रदर्शनी में सोनाली कुमारी, अनम जोवेड़, निकिता कुमारी, रंजीत कुमार, कृति भरद्वाज, अमृता शांभवी, पल्लव, निर्मल कुमारी, कुमारी ईशा सिंह, ट्विंकल, खुशबू कुमारी, भावना नथानी, अंजली यादव, पल्लवी ठाकुर, काजल ओझा, रवि कुमार, रक्षिता कुमारी, सृष्टि कुमार, तृप्ति रानी, अमृता कुमारी, आरती कुमारी, दिव्यांशी कुमार सोनी, अंजली नयन, नूर जहां, प्रियंका कुमारी शर्मा, प्रान्तिनिया, प्रीति कुमारी, शिवानी मिश्रा, जुही कुमारी, मेघा कुमारी, अंजली कुमारी, उपासना कुमारी, खुशी कुमारी, सोनी कुमारी, कोमल शर्मा, किशन कुमार एवं ऋचिका सहित प्रतिभागियों की कलाकृतियां शामिल हैं। प्रदर्शनी में प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत चित्रों को देखने के लिए कला प्रेमियों और शहरवासियों की रुचि देखी जा रही है। युवा प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी इस आयोजन को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बनाती है। आयोजकों का उद्देश्य कला के प्रति रुचि को बढ़ावा देने के साथ-साथ कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए मंच उपलब्ध कराना है। “पटना कलम” की कलात्मक परंपरा को केंद्र में रखकर आयोजित यह प्रदर्शनी पटना की सांस्कृतिक पहचान और कला विरासत से लोगों को जोड़ने का प्रयास भी है। प्रदर्शनी में प्रस्तुत कलाकृतियां यह संदेश देती हैं कि कला केवल सौंदर्य की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि समाज, संस्कृति और परंपरा को समझने तथा नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम भी है।
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