Advertisment1

यह एक धर्मिक और राष्ट्रवादी पत्रिका है जो पाठको के आपसी सहयोग के द्वारा प्रकाशित किया जाता है अपना सहयोग हमारे इस खाते में जमा करने का कष्ट करें | आप का छोटा सहयोग भी हमारे लिए लाखों के बराबर होगा |

"नेपाल की त्रासदी"

"नेपाल की त्रासदी"

— पुनर्निर्माण की ओर
रचना - डॉ. रवि शंकर मिश्र "राकेश"

अब आँसू को पोंछो नेपाल,
फिर से अपना हाथ बढ़ाओ,
टूटे घर और टूटे सपने,
मिलकर फिर से इन्हें सजाओ।।


जिसके घर का चूल्हा बुझा है,
उसके घर में अन्न पहुँचाओ,
जिसके सिर पर छत नहीं है,
उसके सिर पर छत बनवाओ।।


घायल हैं जो, उपचार मिले,
भूखों को भोजन मिलता जाए,
प्यासे अधरों तक निर्मल जल,
हर बस्ती में पहुँचता जाए।।


जिन बच्चों की पढ़ाई छूटी,
उनका विद्यालय फिर खोलो,
उनकी आँखों के सपनों में
आशा के दीपक फिर बोलो।।


जिनके अपने दूर चले गए,
उनके दुख में साथ खड़े हों,
जिनके जीवन सूने-सूने,
उनके संग हम हाथ धरे हों।।


गाँव-गाँव में राहत पहुँचे,
शहर-शहर सहयोग मिले,
जिसके पास जो सामर्थ्य है,
उससे नेपाल को योग मिले।।


टूटे पुल फिर जुड़ते जाएँ,
रास्ते फिर आबाद हों,
बिजली, पानी, घर और सड़कें,
सबके फिर से तैयार हों।।


ऐसा हो पुनर्निर्माण कि फिर
आपदा से कम हानि हो,
पहले से मजबूत व्यवस्था,
हर बस्ती में निगरानी हो।।


राहत का हर दाना पहुँचे
जिसके हिस्से उसका हक है,
ईमानदारी सबसे ऊपर,
यही समय की पहली शर्त है।।


भारत अपना हाथ बढ़ाए,
नेपाल भी बढ़ता जाए,
सीमा चाहे अलग-अलग हो,
दिल का रिश्ता जुड़ता जाए।।


संकट में जो साथ खड़ा हो,
वही सच्चा अपना होता,
दुःख में बाँटा हुआ निवाला
सबसे मीठा सपना होता।।


हिम्मत रखना मेरे नेपाल,
मत होना तुम कभी बेहाल,
मिल-जुलकर निर्माण करेंगे,
फिर खुशियों से खिलेगा नेपाल।।


आज भले हैं घाव बहुत से,
कल हर घाव भरेगा नेपाल,
राख हुई जो बस्ती-बस्ती,
फिर उसमें जीवन होगा लाल।।


चलो उठाएँ हाथ सभी अब,
मिलकर नव इतिहास रचाएँ,
दुःख की रात भले हो लंबी,मिलकर उसका अंत कराएँ।।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे फेसबुक पेज से जुड़े https://www.facebook.com/divyarashmimag हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews हमें ट्विटर पर फॉलो करे :- https://x.com/DivyaRashmi8

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ