धरा गगन गूंज रही, रानी सती दादी की जय जयकार
कुमार महेंद्रवीर प्रसूता धरा झुंझुनूं,
गोदी में सोहे पावन धाम।
भाद्रपद की दिव्य अमावस,
पूज रही दुनिया अविराम।
लोक-हृदय में धर्म-आस्था,
मातृ-कृपा की अमृत-धार।
धरा गगन गूंज रही,
रानी सती दादी की जय जयकार।।
प्रबुद्ध प्रवासी और स्थानीय,
दर्शन पाकर भाव-विभोर।
दादी की पावन गाथा का,
छाया कौतुक चारों ओर।
घट-घट में नारायणी माँ का,
बरस रहा स्नेह-दुलार।
धरा गगन गूंज रही,
प्रबुद्ध प्रवासी और स्थानीय,
दर्शन पाकर भाव-विभोर।
दादी की पावन गाथा का,
छाया कौतुक चारों ओर।
घट-घट में नारायणी माँ का,
बरस रहा स्नेह-दुलार।
धरा गगन गूंज रही,
रानी सती दादी की जय जयकार।।
शौर्य-त्याग का अमर गौरव,
जन-जन के मन में उल्लास।
आन-बान और नारी-मर्यादा,
प्रेरणादायी स्वर्णिम इतिहास।
नारायणी के शक्ति-स्वरूप की,
कृपा बरसे सदा अपरंपार।
धरा गगन गूंज रही,
शौर्य-त्याग का अमर गौरव,
जन-जन के मन में उल्लास।
आन-बान और नारी-मर्यादा,
प्रेरणादायी स्वर्णिम इतिहास।
नारायणी के शक्ति-स्वरूप की,
कृपा बरसे सदा अपरंपार।
धरा गगन गूंज रही,
रानी सती दादी की जय जयकार।।
ग्राम-नगर की मिश्रित आभा,
रग-रग में उत्साह-उमंग।
शुभ मंगल वार्षिकी महोत्सव,
बिखरा श्रद्धा का नव रंग।
कोटि-कोटि नमन दादी श्री चरण,
जनमानस का करो उद्धार।
धरा गगन गूंज रही,
ग्राम-नगर की मिश्रित आभा,
रग-रग में उत्साह-उमंग।
शुभ मंगल वार्षिकी महोत्सव,
बिखरा श्रद्धा का नव रंग।
कोटि-कोटि नमन दादी श्री चरण,
जनमानस का करो उद्धार।
धरा गगन गूंज रही,
रानी सती दादी की जय जयकार।।
कुमार महेंद्र
(स्वरचित मौलिक रचना)
कुमार महेंद्र
(स्वरचित मौलिक रचना)
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे फेसबुक पेज से जुड़े https://www.facebook.com/divyarashmimag हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews हमें ट्विटर पर फॉलो करे :- https://x.com/DivyaRashmi8

0 टिप्पणियाँ
दिव्य रश्मि की खबरों को प्राप्त करने के लिए हमारे खबरों को लाइक ओर पोर्टल को सब्सक्राइब करना ना भूले| दिव्य रश्मि समाचार यूट्यूब पर हमारे चैनल Divya Rashmi News को लाईक करें |
खबरों के लिए एवं जुड़ने के लिए सम्पर्क करें contact@divyarashmi.com
#NEWS,
#hindinews