आकांक्षी जिलों में लैंगिक समानता, बाल विकास तथा सामाजिक व्यवहार परिवर्तन को लेकर जिला स्तर पर नई कार्ययोजना पर जोर
.jpeg)
- आकांक्षी जिला कार्यक्रम एवं सतत विकास लक्ष्य-5 के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए विभागों के समन्वित प्रयास और जिलों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक
पटना, 28 सितंबर 2026।
बिहार सरकार के योजना एवं विकास विभाग द्वारा UNICEF के तकनीकी सहयोग से बिहार के 13 आकांक्षी जिलों के पदाधिकारियों के लिए “Accelerating SDGs: Aspirational District Action for Gender Equality through Child Rights and Social & Behaviour Change Approaches” विषय पर दो दिवसीय क्षमता-वर्धन कार्यक्रम का आयोजन 28-29 सितंबर 2026 को पटना के होटल द पनाश कौलिल्या, आर ब्लॉक में किया जा रहा है।
कार्यक्रम का उद्देश्य आकांक्षी जिलों में लैंगिक समानता, बाल अधिकार और Social & Behaviour Change (SBC) से जुड़े मुद्दों को जिला विकास की प्राथमिकताओं से जोड़ना तथा उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर व्यावहारिक, समन्वित और परिणामोन्मुख कार्रवाई को आगे बढ़ाना है।
योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी ने कहा—2030 के SDG लक्ष्य के लिए अब जिला स्तर पर ठोस कार्रवाई का समय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. एन. विजयलक्ष्मी ने Aspirational District Programme (ADP) और Sustainable Development Goal-5 (SDG-5) के बीच मजबूत समन्वय की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि 2030 तक Sustainable Development Goals हासिल करने की समय-सीमा को ध्यान में रखते हुए अब जिला स्तर पर स्पष्ट प्राथमिकताओं और ठोस Action Plan के साथ आगे बढ़ना आवश्यक है। जिलों में योजनाओं और कार्यक्रमों का प्रभाव तभी अधिक प्रभावी होगा, जब स्थानीय स्तर की वास्तविक चुनौतियों की पहचान कर उनके अनुरूप कार्रवाई की जाए। आधी आबादी महिलाओं की है, इसलिए लैंगिक समानता केवल किसी एक या कुछ विभागों का विषय नहीं हो सकता। इसके लिए पूरी सरकारी तंत्र को मिलकर काम करना होगा। विभिन्न विभागों की योजनाओं और कार्यक्रमों में लैंगिक दृष्टिकोण को शामिल करते हुए विभागीय convergence को मजबूत करना आवश्यक है।

उन्होंने जिला प्रशासन की सक्रिय भागीदारी और involvement को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, जिला स्तर पर विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने, स्थानीय प्राथमिकताओं की पहचान करने और Action Plan को जमीन पर उतारने में जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका है।
“हम Information Age में हैं, लेकिन mindset में बदलाव भी जरूरी”
डॉ. विजयलक्ष्मी ने कहा कि आज हम Information Age में हैं। सूचनाओं और तकनीक की उपलब्धता पहले से कहीं अधिक है, लेकिन समाज की पुरानी सोच और मानसिकता में अपेक्षित बदलाव अभी भी एक चुनौती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केवल सूचना और awareness से बदलाव नहीं आएगा, बल्कि मानसिकता को बदलने के लिए सामाजिक एवं व्यवहार परिवर्तन पर भी काम करना होगा। महिलाओं और किशोरियों से जुड़े मुद्दों को समझते हुए उनके पीछे मौजूद सामाजिक मान्यताओं, व्यवहार और संस्थागत कारणों पर काम करने की आवश्यकता है। अनेक gender- और child-sensitive indicators की प्रगति सामाजिक मान्यताओं, household behaviour, care-seeking practices, service utilisation और frontline institutions की responsiveness एक महत्वपूर्ण पहलू है।
महिला सुरक्षा और कार्यस्थल की असमानताओं पर भी ध्यान जरूरी
अपर मुख्य सचिव महोदया ने महिलाओं से जुड़े सुरक्षा के मुद्दों, महिलाओं के विरुद्ध हिंसा तथा कार्यस्थल पर मौजूद असमानताओं को भी लैंगिक समानता की दिशा में महत्वपूर्ण चुनौतियों के रूप में रेखांकित किया।
उन्होंने अपने संबोधन में यह भी साझा किया कि वे हमेशा अधिक पढ़ने, समाज के बेहतर निर्माण के लिए काम करने और अपनी स्वतंत्र पहचान बनाने की आकांक्षा रखती रही हैं। इस संदर्भ में उन्होंने महिलाओं के विकास में mental strength और आत्मविश्वास के महत्व को भी रेखांकित किया।
उन्होंने कहा कि जब तक आधी आबादी आगे नहीं बढ़ती, तब तक विकसित राष्ट्र की परिकल्पना को पूर्ण रूप से साकार नहीं किया जा सकता।
प्रशासन में संवेदनशीलता और EQ की भूमिका
डॉ. विजयलक्ष्मी ने प्रशासनिक व्यवस्था में Emotional Quotient (EQ) और संवेदनशीलता के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन को लोगों की जेंडर सम्बन्धित वास्तविक समस्याओं और परिस्थितियों से emotionally involved होकर काम करना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे योजनाओं के output पर ध्यान देने के साथ यह भी देखें कि योजनाओं और प्रशासनिक हस्तक्षेपों से लोगों के जीवन में वास्तविक outcome और बदलाव कितना आया है।
ADP के माध्यम से SDG-5 की दिशा में जिला कार्रवाई
कार्यक्रम के दौरान Aspirational District Programme के विभिन्न संकेतकों और उनके SDG targets से संबंध को समझने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ADP के छह प्रमुख क्षेत्रों—Health & Nutrition, Education, Agriculture & Water Resources, Basic Infrastructure, Financial Inclusion और Skill Development—के संकेतकों का जिला विकास एवं SDGs से संबंध कार्यक्रम में समझाया जा रहा है। महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, सुरक्षा और गरिमा से जुड़े कई संकेतकों में सुधार के लिए केवल infrastructure और services के साथ साथ Social norms, behaviour और institutional practices में बदलाव भी आवश्यक है।
जिलों में नई Action Plan तैयार करने की दिशा में पहल
दो दिवसीय कार्यक्रम में प्रतिभागी जिलों को अपने क्षेत्र की प्रमुख gender-related priorities की पहचान, उपलब्ध आंकड़ों की समीक्षा तथा समस्याओं के underlying causes के विश्लेषण के लिए व्यावहारिक अभ्यास कराया जा रहा है। प्रत्येक जिले के लिए प्राथमिक gender issues अथवा indicators की पहचान कर उनके लिए District Action Plan तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें संबंधित विभागों की जिम्मेदारियां, milestones, convergence arrangements और review mechanism को शामिल किया जाएगा।
विभागीय समन्वय एवं पंचायतों की भूमिका
कार्यक्रम में Planning & Development, Health, Education, ICDS, Panchayati Raj, JEEViKA, Rural Development, Social Welfare और Disaster से जुड़े पदाधिकारियों को साथ लाया गया है, ताकि लैंगिक समानता से जुड़े मुद्दों पर inter-departmental convergence को मजबूत किया जा सके।
पंचायतों को स्थानीय स्तर पर परिवर्तन के साझेदार के रूप में विकसित करने, Localising SDGs के माध्यम से convergence बढ़ाने तथा community participation को मजबूत करने पर भी चर्चा की जा रही है।
कार्यशाला में डॉ. एन. विजयलक्ष्मी, अपर मुख्य सचिव, योजना एवं विकास विभाग; श्री कँवल तनुज, सचिव, योजना एवं विकास विभाग; श्री श्याम बिहारी मीणा, अपर सचिव, योजना एवं विकास विभाग; श्री अभय कुमार, UNICEF; डॉ. एन. एच. शिवानी, निदेशक, अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय तथा श्रीमती शिप्रा, उप निदेशक सहित संबंधित विभागों एवं आकांक्षी जिलों से आए पदाधिकारी उपस्थित रहे। दो दिवसीय कार्यक्रम का व्यापक उद्देश्य आकांक्षी जिलों की प्रशासनिक क्षमता को मजबूत करते हुए लैंगिक समानता, बाल अधिकार और सामाजिक एवं व्यवहार परिवर्तन से जुड़े मुद्दों पर जिला स्तर पर ठोस, समन्वित और मापनीय कार्रवाई को आगे बढ़ाना है, ताकि 2030 के SDG लक्ष्यों की दिशा में बिहार की प्रगति को गति मिल सके।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे फेसबुक पेज से जुड़े https://www.facebook.com/divyarashmimag हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews हमें ट्विटर पर फॉलो करे :- https://x.com/DivyaRashmi8

0 टिप्पणियाँ
दिव्य रश्मि की खबरों को प्राप्त करने के लिए हमारे खबरों को लाइक ओर पोर्टल को सब्सक्राइब करना ना भूले| दिव्य रश्मि समाचार यूट्यूब पर हमारे चैनल Divya Rashmi News को लाईक करें |
खबरों के लिए एवं जुड़ने के लिए सम्पर्क करें contact@divyarashmi.com
#NEWS,
#hindinews