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खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए स्वास्थ्य सचिव-सह-खाद्य संरक्षा आयुक्त, बिहार ने दिए सख्त निर्देश

खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए स्वास्थ्य सचिव-सह-खाद्य संरक्षा आयुक्त, बिहार ने दिए सख्त निर्देश

  • सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता : स्वास्थ्य सचिव
  • खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच, जागरूकता और डिजिटल निगरानी को प्रभावी बनाने पर जोर
  • मिलावटी खाद्य व्यापार संचलाकों पर होगी सख्त कार्रवाई

पटना, बुधवार। स्वास्थ्य सचिव-सह-खाद्य संरक्षा आयुक्त, बिहार श्री कुमार रवि की अध्यक्षता में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में खाद्य संरक्षा आयुक्त सहित राज्य के सभी जिलों के खाद्य संरक्षा अदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य राज्य के आम जनता को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण एवं मिलावट रहित खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाना है। बैठक में अभिहित अधिकारी, खाद्य प्रयोगशाला अगमकुआं के प्रभारी पदाधिकारी, विश्लेषक मौजूद रहे।

बैठक में कार्यशाला के माध्यम से खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंसिंग, पंजीकरण, स्वच्छता मानकों, खाद्य सुरक्षा अनुपालन, निरीक्षण व्यवस्था एवं उपभोक्ता हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। खाद्य प्रतिष्ठानों में हाइजीन मानकों का पालन सुनिश्चित करने, प्रभावी निगरानी व्यवस्था विकसित करने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया गया।

स्वास्थ्य सचिव ने निर्देश देते हुए कहा कि खाद्य सुरक्षा केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहकर नियमित रूप से व्यापक जांच एवं प्रवर्तन अभियान चलाए जाएं। साथ ही व्यवसायियों और आम लोगों को खाद्य सुरक्षा नियमों एवं मानकों के प्रति जागरूक करने के लिए निरंतर जागरूकता अभियान संचालित किया जाए।


उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े सभी निरीक्षण और कार्रवाई की रिपोर्ट FoSCoS (Food Safety Compliance System) पोर्टल पर तत्काल अपलोड करना अनिवार्य है। किसी भी प्रकार के ऑफलाइन निरीक्षण को स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऑनलाइन व्यवस्था से कार्यों में पारदर्शिता आएगी और विभागीय कार्यप्रणाली को और मजबूत बनाया जा सकेगा। बैठक में खाद्य व्यवसाय संचालकों के लिए लाइसेंस एवं पंजीकरण की अनिवार्यता, खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन, मिलावट के विरुद्ध अभियान, शिकायतों के त्वरित निपटारे और ऑनलाइन व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर भी चर्चा हुई।


समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि होटल, रेस्टोरेंट, कैटरिंग सेवा, फूड सर्विस प्रतिष्ठान, दूध एवं दुग्ध उत्पाद तथा खाद्य तेल से जुड़े संस्थानों में सुरक्षा मानकों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए निरंतर निरीक्षण, पारदर्शी कार्रवाई और जन-जागरूकता को प्राथमिकता दी जाए, ताकि राज्य के नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।


इसके अलावा खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमित जांच अभियान चलाया जा रहा है। अमानक पाए जाने वाले खाद्य पदार्थों पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। खाद्य कारोबारियों को लाइसेंस प्रदर्शित करने, FEFO व्यवस्था अपनाने, स्वच्छता मानकों का पालन करने और FSSAI नियमों के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

त्योहारों के दौरान खाद्य सुरक्षा को लेकर विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान दूध एवं दुग्ध उत्पाद, मिठाई, खाद्य तेल, मसाले सहित अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की विशेष निगरानी की जाएगी। नागरिकों को सुरक्षित, शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य के साथ वैज्ञानिक जांच एवं प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
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