स्टार्टअप बिहार ने रिकॉर्ड 31 दिनों में पूरी की मूल्यांकन एवं फंडिंग प्रक्रिया

- तेज प्रक्रिया के परिणामस्वरूप 74 स्टार्टअप्स को कुल ₹3.48 करोड़ की वित्तीय सहायता की अनुशंसा
माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी के मार्गदर्शन एवं माननीया उद्योग मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह के नेतृत्व में एक तेज, पारदर्शी स्टार्टअप इकोसिस्टम के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, उद्योग विभाग, बिहार सरकार ने जुलाई माह में प्राप्त 1,228 स्टार्टअप आवेदनों की संपूर्ण मूल्यांकन एवं चयन प्रक्रिया को रिकॉर्ड 31 दिनों में पूरा किया है।
एआई बेस्ड आवेदन मूल्यांकन से लेकर विशेषज्ञों द्वारा आकलन, लिखित मूल्यांकन, व्यक्तिगत संवाद (Personal Interaction) और अंतिम चयन प्रक्रिया तक प्रत्येक चरण को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया गया।
प्रक्रिया की शुरुआत 1 अगस्त को एआई आधारित मूल्यांकन से हुई। इसके बाद 3 अगस्त को स्टार्टअप सपोर्ट यूनिट (SSU) द्वारा मूल्यांकन तथा 6 अगस्त को विषय विशेषज्ञों (Domain Experts) द्वारा आकलन किया गया। लिखित मूल्यांकन परीक्षा 12, 13 और 14 अगस्त को आयोजित की गई, जिसके परिणाम 19 अगस्त को जारी किए गए। इसके बाद शॉर्टलिस्ट किए गए स्टार्टअप्स के लिए 27 और 31 अगस्त को पर्सनल इंटरैक्शन (PI) राउंड आयोजित किए गए। अंतिम परिणाम 31 अगस्त 2026 को घोषित किए गए।
इस त्वरित प्रक्रिया के परिणामस्वरूप 74 स्टार्टअप्स को कुल ₹3.48 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान करने की अनुशंसा की गई है।
इनमें 59 स्टार्टअप्स को ₹4 लाख की पहली किस्त, जबकि 12 स्टार्टअप्स को ₹6 लाख की दूसरी किस्त के लिए अनुशंसित किया गया है। इसके अतिरिक्त, एक स्टार्टअप को एकमुश्त ₹10 लाख तथा दो स्टार्टअप्स को ₹15-15 लाख की पोस्ट-सीड फंडिंग के लिए अनुशंसित किया गया है।
माननीय उद्योग मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह ने कहा, “1,228 आवेदनों की संपूर्ण मूल्यांकन प्रक्रिया को मात्र 31 दिनों में पूरा करना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और यह एक पारदर्शी, कुशल एवं त्वरित स्टार्टअप इकोसिस्टम बनाने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। स्टार्टअप बिहार के माध्यम से हमारा उद्देश्य है कि प्रत्येक प्रतिभाशाली और संभावनाशील विचार को आगे बढ़ने, विस्तार करने और बिहार में रोजगार के अवसर सृजित करने का समान अवसर मिले।”
उद्योग विभाग के सचिव श्री कुंदन कुमार ने कहा, “आवेदन से लेकर वित्तीय सहायता की अनुशंसा तक की प्रक्रिया को 31 दिनों में पूरा करना स्टार्टअप सपोर्ट सिस्टम में अधिक दक्षता और निश्चितता लाने के हमारे प्रयास को दर्शाता है। तकनीक आधारित मूल्यांकन, व्यवस्थित जांच और स्पष्ट समयसीमा ने पूरी प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।”
उद्योग निदेशक श्री मुकुल कुमार गुप्ता ने कहा, “मूल्यांकन से लेकर पिचिंग और अंतिम अनुशंसा तक पूरी प्रक्रिया को 31 दिनों में पूरा करना तकनीक, स्टार्टअप सपोर्ट यूनिट, विषय विशेषज्ञों और मूल्यांकन समितियों के समन्वित प्रयास का परिणाम है। एआई आधारित मूल्यांकन ने प्रारंभिक स्तर पर स्क्रीनिंग प्रक्रिया को और मजबूत किया है तथा मैनुअल हस्तक्षेप को कम करने में मदद की है।”
उद्योग विभाग स्टार्टअप इकोसिस्टम को और मजबूत करने के लिए त्वरित निर्णय प्रक्रिया, तकनीक-आधारित प्रणालियों, वित्तीय सहायता तक पहुंच तथा उद्यमियों को निरंतर संस्थागत सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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