Advertisment1

यह एक धर्मिक और राष्ट्रवादी पत्रिका है जो पाठको के आपसी सहयोग के द्वारा प्रकाशित किया जाता है अपना सहयोग हमारे इस खाते में जमा करने का कष्ट करें | आप का छोटा सहयोग भी हमारे लिए लाखों के बराबर होगा |

उम्र का अन्तिम पहर

उम्र का अन्तिम पहर

डॉ अ कीर्ति वर्द्धन
उम्र का अन्तिम पहर, प्रभु स्मरण कीजिये,
कुंठित मन को भी, विश्राम करने दीजिये।
जो मिला आभार उसका, भाव मन लाइये,
मृगतृष्णा भटकता मन, धर्म कर्म लगाइये।

कुंठाएँ जीवन में हों, मानव को डस लेती हैं,
सोच दूसरे को हर पल, खुद को डस लेती हैं।
क्या प्रभु ने दिया उसे, जो अपने पास नहीं है,
इच्छाओं की नागिन, तन मन को डस लेती है।

तस्वीर के दो पहलू, आगे अच्छा- पीछे देखिये,
फ़क़त अपने नज़रिये, दुनिया न देखा कीजिये।
है बहुत कुछ अच्छा भी, विचार कर देखना उसे,
छोड़ कर अपने अहम् को, संतुष्टि भाव लीजिये।

डॉ अ कीर्ति वर्द्धन
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे फेसबुक पेज से जुड़े https://www.facebook.com/divyarashmimag हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews हमें ट्विटर पर फॉलो करे :- https://x.com/DivyaRashmi8

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ