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जनहित और विकास योजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं, समयबद्ध पूरा करने का मुख्य सचिव का निर्देश

जनहित और विकास योजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं, समयबद्ध पूरा करने का मुख्य सचिव का निर्देश

पटना, 25 अगस्त। बिहार के मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने मंगलवार को राज्य के सभी जिलाधिकारियों और विभिन्न विभागों के वरीय अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में कृषि, स्वास्थ्य, उच्च शिक्षा, ऊर्जा, सहकारिता सहित कई विभागों की योजनाओं की स्थिति की समीक्षा की गई।

मुख्य सचिव ने स्पष्ट कहा कि जनहित और विकास से जुड़ी योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करना सरकार की प्राथमिकता है। विकास कार्यों और भूमि हस्तांतरण से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने जिलाधिकारियों को विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए साप्ताहिक और मासिक स्तर पर योजनाओं की नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया।

किसान रजिस्ट्री में 53.54 लाख किसानों का पंजीकरण


बैठक में किसान रजिस्ट्री की प्रगति की भी समीक्षा की गई। राज्य में कुल 86.36 लाख किसानों के पंजीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके विरुद्ध अब तक 53.54 लाख किसानों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है। यह लक्ष्य का करीब 62 प्रतिशत है।

वैशाली और शेखपुरा जिलों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। वहीं, सारण और जमुई में अपेक्षाकृत धीमी प्रगति पर मुख्य सचिव ने नाराजगी जताई। उन्होंने इन जिलों में विशेष अभियान चलाकर पंजीकरण की गति बढ़ाने तथा राज्य स्तर पर सत्यापन के लिए लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा।

पीएम सूर्य घर योजना में 1.22 लाख से अधिक आवेदन

ऊर्जा विभाग की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि राज्य में अब तक 1,22,656 आवेदन प्राप्त हुए हैं और सोलर इंस्टॉलेशन का कार्य जारी है। पटना जिला इंस्टॉलेशन तथा 7,294 लाख रुपये की सब्सिडी के मामले में सबसे आगे है।

कुल 35,741 ऋण आवेदनों में से 58.8 प्रतिशत ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं। मुख्य सचिव ने बैंकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर ऋण आवेदनों के रिजेक्शन रेट को कम करने और रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना में तेजी लाने का निर्देश दिया।

आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण में तेजी के निर्देश

आंगनवाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण की समीक्षा के दौरान भूमि की अनुपलब्धता और भूमि विवादों को शीघ्र सुलझाने पर जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने मनरेगा (वीबी-जी राम जी) और 15वें वित्त आयोग के संसाधनों के प्रभावी अभिसरण के माध्यम से भवन निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराने को कहा।

बिहार में 2.59 करोड़ लोगों की टीबी स्क्रीनिंग

स्वास्थ्य विभाग की टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा में सामने आया कि राज्य में अब तक 2.59 करोड़ लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की जा चुकी है। यह 52 दिनों के निर्धारित लक्ष्य का 213 प्रतिशत है।

सारण जिले ने 400 प्रतिशत और सहरसा जिले ने 386 प्रतिशत स्क्रीनिंग के साथ उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। मुख्य सचिव ने जिला स्तर पर ‘टीबी मुक्त भारत समिति’ को सक्रिय रखने और निक्षय पोर्टल पर स्क्रीनिंग एवं जांच से संबंधित परिणामों की समय पर एंट्री सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने फ्रंटलाइन स्क्रीनिंग बढ़ाने, शत-प्रतिशत अपफ्रंट न्यूक्लिक एसिड टेस्ट (नैट) कराने तथा निक्षय पोषण योजना के तहत लाभार्थियों को भुगतान में तेजी लाने का निर्देश दिया। अब तक 93,275 लाभार्थियों को निक्षय पोषण योजना के तहत भुगतान किया जा चुका है।

सहकारिता क्षेत्र में भूमि हस्तांतरण जल्द करने का निर्देश


सहकारिता विभाग की समीक्षा के दौरान प्रखंड स्तर की आधारभूत संरचनाओं, कोल्ड स्टोरेज और तरकारी आउटलेट्स के लिए लंबित तीन भूमि प्राप्तियों तथा प्याज भंडारण के लिए लंबित नौ भूमि प्राप्तियों का मामला सामने आया। मुख्य सचिव ने संबंधित जिलाधिकारियों को भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया तत्काल पूरी करने का निर्देश दिया।

211 नए डिग्री कॉलेजों के लिए भूमि आवंटन पर जोर

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में 7 निश्चय-3 के तहत 211 नए डिग्री कॉलेजों के स्थायी परिसरों के निर्माण की भी समीक्षा की गई। इनमें से अब तक 68 कॉलेजों के लिए भूमि संबंधी विवरण प्राप्त हो चुका है, जबकि 143 कॉलेजों के लिए भूमि विवरण लंबित है।

मुख्य सचिव ने पूर्वी चंपारण, सीवान और पटना के जिलाधिकारियों को विशेष रूप से निर्देश दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में न्यूनतम पांच एकड़, शहरी क्षेत्रों में 2.5 एकड़ तथा पटना शहरी क्षेत्र में दो एकड़ भूमि का हस्तांतरण सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने प्रखंड मुख्यालयों के आसपास उपलब्ध सरकारी अथवा गैरमजरूआ आम भूमि को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित कर शीघ्र आवंटित करने का निर्देश दिया।मुख्य सचिव ने कहा कि योजनाओं की सफलता केवल स्वीकृति और कागजी प्रगति से नहीं, बल्कि समय पर धरातल पर उसका लाभ आम लोगों तक पहुंचने से सुनिश्चित होगी। इसलिए सभी जिलाधिकारी योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए बाधाओं का तत्काल समाधान करें और विभागों के बीच समन्वय कायम कर विकास कार्यों को गति दें।

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