नारी है आधार
नारी नारी रटते लोगों नेउसका सम्मान घटा दिया।
अपनी हवस का समान
देखो कैसे उसे बना लिया।।
जन्म दायनी जिसको कहते
इज्जत उसकी ही लूट रहे।
अपनी इच्छानुसार ही देखो
उसका उपभोग कर रहे।।
मानवता का क्रूर चेहरा लेकर
देखो कैसे अब लोग घूम रहे।
जिसको मिलना चाहिए सम्मान
उसके इज्जत पर हाथ डाल रहे।।
रातें रंगीन करने के लिए
नारी को आधार बना रहे।
बड़े बड़े काम-धामों को
देखो उससे कैसे करवा रहे।।
कलयुग में नारी नाम से
नया महाभारत कैसे रच रहे।
नारी को आगे करके देखो
उसके पीछे कैसे छुप रहे।।
देना चाहते हो सही में
नारी को सम्मान तुम।
तो उसकी इज्जत करना
कलयुग में भी तुम सीखो।।
जय जिनेंद्र
संजय जैन "बीना" मुंबई
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे फेसबुक पेज से जुड़े https://www.facebook.com/divyarashmimag हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews हमें ट्विटर पर फॉलो करे :- https://x.com/DivyaRashmi8

0 टिप्पणियाँ
दिव्य रश्मि की खबरों को प्राप्त करने के लिए हमारे खबरों को लाइक ओर पोर्टल को सब्सक्राइब करना ना भूले| दिव्य रश्मि समाचार यूट्यूब पर हमारे चैनल Divya Rashmi News को लाईक करें |
खबरों के लिए एवं जुड़ने के लिए सम्पर्क करें contact@divyarashmi.com
#NEWS,
#hindinews