हकीकत
जय प्रकाश कुवंरशांति खोजते खोजते हम,
और अशांत हुए जा रहे हैं।
यह समझ में नहीं आ रहा है,
हम सब कहाँ जा रहे हैं।।
पैसे की लालच में हर जगह देश में,
अनैतिक कर्म चल रहा है।
मानव जीवन सुखमय न होकर,
हलचल में पल रहा है।।
हर रोज धरना प्रदर्शन और,
जगह जगह पुलिस की लठमारी।
पूरा देश अशांत हो गया है,
जैसे भीतरी जंग की है तैयारी।।
हर आदमी अपने शर्त पर,
शांति समझौता चाह रहा है।
इस हठधर्मिता के चक्कर में,
पूरा देश कराह रहा है।।
स्वतंत्रता तो हमने पायी,
पर न जाने कैसा जादू चल गया है।
आजादी के बाद देश में,
प्रजातंत्र का माने बदल गया है।।
देश की एकता के उपर,
कुछ लोगों का अहम् भारी है।
उनके देशहित के विरुद्ध कार्य करने से,
देश खंडित होने की तैयारी है।।
समय का तकाजा है देशवासियों,
धरना प्रदर्शन छोड़ एक हो जाओ।
चोरी बेईमानी का इरादा छोड़,
देश को आगे बढ़ाने का कर्म अपनाओ।।
नेक समझौता न होकर अगर,
प्रदर्शन प्रशासन में खाई बढ़ता जाएगा।
सारे बुद्धिजीवी देखते रह जाएंगे,
एक दिन अपना देश गर्क में चला जाएगा।।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे फेसबुक पेज से जुड़े https://www.facebook.com/divyarashmimag हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews हमें ट्विटर पर फॉलो करे :- https://x.com/DivyaRashmi8


0 टिप्पणियाँ
दिव्य रश्मि की खबरों को प्राप्त करने के लिए हमारे खबरों को लाइक ओर पोर्टल को सब्सक्राइब करना ना भूले| दिव्य रश्मि समाचार यूट्यूब पर हमारे चैनल Divya Rashmi News को लाईक करें |
खबरों के लिए एवं जुड़ने के लिए सम्पर्क करें contact@divyarashmi.com
#NEWS,
#hindinews