Advertisment1

यह एक धर्मिक और राष्ट्रवादी पत्रिका है जो पाठको के आपसी सहयोग के द्वारा प्रकाशित किया जाता है अपना सहयोग हमारे इस खाते में जमा करने का कष्ट करें | आप का छोटा सहयोग भी हमारे लिए लाखों के बराबर होगा |

बारिस का मौसम

बारिस का मौसम

संजय जैन

बारिस के कारण अब।
मौसम बिल्कुल ठंडा हुआ।
गर्मी से लोगों को अब
बड़ा राहत जो मिला।।

फूल पत्तियाँ और तना भी
कैसे खिलकर खड़े हुएँ।
बारिस का आनंद लेकर
खुद भी कैसे झूम उठे।।

सूखी पड़े तालाब और नदियाँ
फिर से अब बहने लगे।
मछली मगरमछ आदि फिर से
उनमें उछल कूँद करने लगे।।

सूखी पड़ी बंजर भूमि भी
अब हरी भरी होने लगी।
गिरता पानी पहाड़ों से
झरने तेजी से बहने लगे।।

खेती वाली सूखी भूमि भी
अब तो गीली हो गई।
सोयाबीन जुआर् उगाने के लिए
एक दम तैयार हो गई।।

कुल मिलकर देखे तो
चारों तरफ हरियाली फैल गई।
पशु-पक्षी जीव-जंतु आदि
पानी की बूंदो के संग झूम उठे।।


जय जिनेंद्र
संजय जैन "बीना" मुंबई
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे फेसबुक पेज से जुड़े https://www.facebook.com/divyarashmimag हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews हमें ट्विटर पर फॉलो करे :- https://x.com/DivyaRashmi8

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ