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पितृत्व का उत्सव: वैश्विक परिप्रेक्ष्य में वर्ल्ड 'फादर्स डे'

पितृत्व का उत्सव: वैश्विक परिप्रेक्ष्य में वर्ल्ड 'फादर्स डे'

सत्येन्द्र कुमार पाठक
"पिता केवल एक शब्द नहीं, बल्कि वह मजबूत नींव है जिस पर पूरे परिवार का भविष्य टिका होता है।"
संसार में माता के प्रेम, त्याग और ममता की चर्चा तो हर जगह होती है, लेकिन उस पिता के मौन समर्पण, अनथक परिश्रम और शांत सुरक्षा कवच को अक्सर शब्दों में बयां नहीं किया जाता, जो चुपचाप अपने परिवार के सपनों को सच करने में अपनी पूरी जिंदगी खपा देता है। पितृ दिवस (Father's Day) इसी अद्वितीय प्रेम, शक्ति और मार्गदर्शन को सलाम करने का एक वैश्विक उत्सव है। यह दिन पिताओं, दादाओं, नानाओं और हर उस व्यक्ति के प्रति सम्मान और आभार प्रकट करने का जरिया है, जिसने हमारे जीवन में एक पिता की भूमिका निभाई है।।वर्ष 2026 में फादर्स डे रविवार, 21 जून को मनाया जा रहा है। आइए, इस विशेष अवसर पर हम गहराई से समझें कि इस दिवस की शुरुआत कैसे हुई, विश्व के अलग-अलग कोनों में इसे किस तरह मनाया जाता है और आज के आधुनिक समाज में इसका क्या महत्व है।।फादर्स डे का इतिहास मुख्य रूप से अमेरिकी परंपराओं और एक बेटी के अपने पिता के प्रति गहरे आदर से जुड़ा हुआ है। हालांकि माता के सम्मान में 'मदर्स डे' की शुरुआत पहले ही हो चुकी थी, लेकिन पिताओं के लिए ऐसा कोई विशेष दिन नहीं था।
फादर्स डे की शुरुआत 19 जून, 1910 को स्पोकेन, वाशिंगटन (अमेरिका) में हुई थी। इसे शुरू करने का श्रेय सोनोरा स्मार्ट डोड को जाता है। सोनोरा की मां का निधन तब हो गया था जब वह बेहद छोटी थीं। उनके पिता, 'विलियम जैक्सन स्मार्ट', जो कि गृहयुद्ध (Civil War) के एक सैनिक थे, ने अकेले ही सोनोरा और उनके पांच भाइयों का पालन-पोषण किया। अपने पिता के इस कठिन परिश्रम, त्याग और निस्वार्थ प्रेम को देखकर सोनोरा के मन में विचार आया कि जब मदर्स डे मनाया जा सकता है, तो पिताओं के सम्मान में भी एक दिन समर्पित होना चाहिए।
शुरुआती लोकप्रियता के बावजूद, इसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने में कई दशक लग गए: द्वितीय विश्व युद्ध के बाद: यह दिवस अमेरिकी सेना और आम जनता के बीच एक लोकप्रिय परंपरा के रूप में उभरा।
1972 में संघीय अवकाश: संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन के कार्यकाल के दौरान, 1972 में फादर्स डे को कानूनन एक संघीय अवकाश (Federal Holiday) के रूप में मान्यता दी गई। तब से यह तय किया गया कि हर साल जून के तीसरे रविवार को आधिकारिक रूप से फादर्स डे मनाया ।
यद्यपि इस पर्व की भावना एक जैसी है—पिता के प्रति कृतज्ञता—लेकिन विश्व के अलग-अलग हिस्सों में इसे मनाने की तिथियां और तरीके काफी भिन्न हैं। पूरा विश्व इसे मुख्य रूप से तीन अलग-अलग रूपों और तिथियों में देखता है:।भारत, अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन), कनाडा और दुनिया के 50 से अधिक देशों में फादर्स डे जून के तीसरे रविवार को मनाया जाता है। चूंकि यह समय गर्मियों का होता है, इसलिए लोग इस दिन को आउटडोर गतिविधियों के जरिए मनाना पसंद करते हैं।
इटली, स्पेन और पुर्तगाल जैसे यूरोपीय और मुख्य रूप से कैथोलिक देशों में पितृ दिवस 19 मार्च को मनाया जाता है। इस दिन को 'सेंट जोसेफ डे' के रूप में जाना जाता है। जीसस क्राइस्ट के पालक पिता, सेंट जोसेफ के सम्मान में इस दिन को पिताओं के जश्न से जोड़कर पारंपरिक रूप से मनाया जाता है।
पिता और माता दोनों की संयुक्त भूमिका को सम्मानित करने के लिए, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1 जून को 'वैश्विक अभिभावक दिवस' घोषित किया है। यह दिन दुनिया भर के सभी माता-पिता के प्रति उनके बच्चों के प्रति किए गए निस्वार्थ प्रेम और जीवन भर के त्याग के लिए आभार व्यक्त करने का एक वैश्विक मंच प्रदान करता है।
फादर्स डे को मनाने के तौर-तरीके समय के साथ बहुत विकसित हुए हैं। पुरानी परंपराओं और आधुनिक जीवनशैली के मेल ने इसे और भी खूबसूरत बना दिया है।
ग्रीटिंग कार्ड्स और उपहार इस दिन बच्चे अपने पिता को सुंदर ग्रीटिंग कार्ड्स देते हैं, जिनमें उनकी भावनाएं लिखी होती हैं। इसके अलावा उनकी पसंद की चीजें जैसे घड़ी, किताबें, कपड़े या गैजेट्स उपहार में दिए जाते हैं।
पारिवारिक समय भागदौड़ भरी जिंदगी से समय निकालकर बच्चे अपने पिता, दादा या पिता तुल्य व्यक्तियों के साथ बैठते हैं, पुरानी यादें ताजा करते हैं और उनके साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताते हैं।
कई परिवारों में इस दिन पिता की पसंद का खाना घर पर बनाया जाता है या फिर उन्हें किसी अच्छे रेस्तरां में डिनर या लंच के लिए ले जाया जाता है।
मातृ दिवस का पूरक: संतुलन का प्रतीक अक्सर समाज में यह माना जाता है कि माता का स्थान सर्वोपरि है, जो कि सत्य भी है। लेकिन पिता का स्थान भी कम महत्वपूर्ण नहीं है। इसीलिए, पितृ दिवस को मातृ दिवस का पूरक माना जाता है। जहाँ मां बच्चे को जन्म देती है, उसे संस्कार और संवेदनशीलता सिखाती है; वहीं पिता बच्चे को बाहरी दुनिया का सामना करना, विपरीत परिस्थितियों में मजबूत बने रहना और अनुशासन सिखाता है। मां यदि परिवार का दिल है, तो पिता उस परिवार की रीढ़ की हड्डी (Backbone) है। इन दोनों के बिना एक संपूर्ण और संतुलित व्यक्तित्व का निर्माण असंभव है।
आज की आधुनिक और डिजिटल दुनिया में, जहाँ लोग काम के सिलसिले में अपने परिवारों से दूर रह रहे हैं, फादर्स डे जैसे त्योहारों की प्रासंगिकता और अधिक बढ़ गई है। पिता आमतौर पर अपनी भावनाएं खुलकर व्यक्त नहीं करते। वे अपनी तकलीफें छुपाकर बच्चों की खुशियों के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं। यह दिन उनके इस 'शांत समर्पण' को पहचानने और उन्हें यह बताने का मौका देता है कि हम उनके योगदान को भूल नहीं सकता है ।कभी-कभी वैचारिक मतभेदों के कारण पिता और बच्चों के बीच एक दूरी आ जाती है। यह एक आदर्श दिन है जब एक छोटा सा संदेश या एक फोन कॉल उस दूरी को मिटाकर रिश्ते में फिर से मिठास घोल सकता है। यह दिन सिर्फ पिता का नहीं, बल्कि दादा और नाना का भी जश्न मनाने का है। यह युवा पीढ़ी को बुजुर्गों के अनुभवों से जोड़ने का एक सुंदर माध्यम बनता है। फादर्स डे केवल साल का एक दिन नहीं है, बल्कि यह एक अहसास है जो हमें हर दिन अपने माता-पिता के प्रति आदर बनाए रखने की याद दिलाता है। उपहार और कार्ड तो केवल माध्यम हैं, असली उपहार तो उनके चेहरे पर वह मुस्कान देखना है, जो उन्हें यह जानकर मिलती है कि उनके बच्चे उनसे बेहद प्यार करते हैं और उनका सम्मान करते हैं।।इस फादर्स डे पर, आइए हम सब मिलकर अपने पिताओं का हाथ थामें, उन्हें धन्यवाद कहें और उनके उस शांत, निस्वार्थ प्रेम का जश्न मनाएं जिसने हमें आज इस काबिल बनाया है।करपी , अरवल , बिहार 804419
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