जी ले खुश होकर, ज़िंदगी थोड़ी है
डॉ अनीता देवीजी ले खुश होकर, ज़िंदगी थोड़ी है,
हर सुबह नई है, हर शाम थोड़ी है।
जो पल मिला है, उसे मुस्कुराकर जी ले,
किस्मत की किताब में हर पन्ना थोड़ी है।
कल की फ़िक्र में आज न खो देना,
आँखों के सपनों को यूँ न रो देना।
जो अपने हैं, उन्हें दिल से लगा ले,
हर रिश्ते की उम्र भी लंबी थोड़ी है।
कभी धूप मिलेगी, कभी छाँव आएगी,
जीवन की नैया यूँ ही बहती जाएगी।
ग़मों को सीने से लगाकर क्या मिलेगा,
हर दर्द की कहानी भी पूरी थोड़ी है।
माता-पिता का साया है तो सम्मान कर,
अपने संस्कारों पर सदा अभिमान कर।
जो प्रेम बाँटे, वही अमर हो जाता है,
साँसों की यह डोर सदा रहती थोड़ी है।
इसलिए हँस ले, गा ले, कुछ नेक काम कर,
गिरते हुए को थाम ले, उसका नाम कर।
क्या लेकर आए थे, क्या लेकर जाएँगे,
दो दिन का मेला है, ज़िंदगी थोड़ी है।॥ 🌹🙏॥
लेखिका -डॉक्टर अनीता शिक्षिका जिला पूर्वी चंपारण ,बिहार
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे फेसबुक पेज से जुड़े https://www.facebook.com/divyarashmimag हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews हमें ट्विटर पर फॉलो करे :- https://x.com/DivyaRashmi8


0 टिप्पणियाँ
दिव्य रश्मि की खबरों को प्राप्त करने के लिए हमारे खबरों को लाइक ओर पोर्टल को सब्सक्राइब करना ना भूले| दिव्य रश्मि समाचार यूट्यूब पर हमारे चैनल Divya Rashmi News को लाईक करें |
खबरों के लिए एवं जुड़ने के लिए सम्पर्क करें contact@divyarashmi.com
#NEWS,
#hindinews