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महाराणा प्रताप की जयंती पर भारतीय जन महासभा ने किया श्रद्धापूर्वक स्मरण

महाराणा प्रताप की जयंती पर भारतीय जन महासभा ने किया श्रद्धापूर्वक स्मरण

जमशेदपुर, 17 जून 2026। भारतीय जन महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्म चन्द्र पोद्दार के मानगो स्थित आवास पर बुधवार को वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने महाराणा प्रताप के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया तथा उनके आदर्शों और राष्ट्रभक्ति से प्रेरणा लेने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए धर्म चन्द्र पोद्दार ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल मेवाड़ के शासक ही नहीं, बल्कि भारतीय स्वाभिमान, स्वतंत्रता और राष्ट्र गौरव के अमर प्रतीक हैं। उन्होंने अपने जीवन में कभी भी विदेशी सत्ता के समक्ष आत्मसमर्पण नहीं किया और कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अपने स्वाभिमान तथा मातृभूमि की रक्षा के लिए संघर्ष करते रहे। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
श्री पोद्दार ने कहा कि महाराणा प्रताप के वंशज आज भी उनकी जयंती अंग्रेजी तिथि के अनुसार नहीं, बल्कि हिन्दू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया को ही मनाते हैं। भारतीय जन महासभा भी वर्षों से इसी परंपरा का पालन करते हुए महाराणा प्रताप की जयंती उसी तिथि पर मनाती आ रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए हमें अपने महापुरुषों को उनकी वास्तविक तिथियों पर स्मरण करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज के समय में महाराणा प्रताप के त्याग, साहस, राष्ट्रनिष्ठा और आत्मसम्मान के आदर्शों को समाज में स्थापित करने की आवश्यकता है। युवाओं को उनके जीवन चरित्र का अध्ययन कर देश और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए। महाराणा प्रताप ने अपने संघर्षमय जीवन से यह सिद्ध किया कि विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य, साहस और संकल्प के बल पर विजय प्राप्त की जा सकती है।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने महाराणा प्रताप के जीवन और उनके ऐतिहासिक योगदान पर चर्चा की तथा उन्हें भारत के महानतम वीरों में से एक बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का वातावरण राष्ट्रभक्ति और गौरव की भावना से ओत-प्रोत रहा।
जयंती समारोह में धर्म चन्द्र पोद्दार के अलावा सुखेन मुखोपाध्याय, मधु परिहार, अनीता झालीवाल, मधु सिन्हा, गोविंद रंजन, मोतीलाल शर्मा, कृष्णा कुमार साहा, पीयूष तुलस्यान, दुर्गा मुखोपाध्याय एवं मेघाश्री मुखोपाध्याय सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों ने महाराणा प्रताप के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने तथा राष्ट्रहित एवं समाजहित के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया। भारतीय जन महासभा ने कहा कि ऐसे महापुरुषों की जयंती केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को आत्मसात करने का अवसर है।
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