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पत्रकार सुरक्षा कानून के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से औपचारिक भेंट

पत्रकार सुरक्षा कानून के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से औपचारिक भेंट

  • पत्रकारों पर बढ़ते हमलों और पुलिसिया उत्पीड़न पर जताई चिंता, सुरक्षा कानून बनाने की मांग
रिपोर्ट : डॉ. अनमोल कुमार

पटना, 23 जून। बिहार प्रेस मेन्स यूनियन (संबद्ध - भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ) के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अनमोल कुमार के नेतृत्व में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद नीतिश कुमार से उनके 7, सर्कुलर रोड स्थित आवास पर औपचारिक मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में पत्रकारों की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाते हुए पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल में भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ (आईएफडब्ल्यूजे) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. श्याम नाथ सिंह उर्फ एस.एन. श्याम, बिहार प्रेस मेन्स यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. भोला प्रसाद (अधिवक्ता) तथा वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी डॉ. राकेश दत्त मिश्र शामिल थे।

बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में पत्रकारों पर लगातार बढ़ रहे आपराधिक हमलों, धमकियों, झूठे मुकदमों और पुलिसिया उत्पीड़न पर गंभीर चिंता व्यक्त की। प्रतिनिधियों ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में कार्य करने वाले पत्रकारों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते समय अनेक प्रकार की चुनौतियों और जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है। कई मामलों में समाचार संकलन और जनहित के मुद्दों को उजागर करने वाले पत्रकारों पर असामाजिक तत्वों द्वारा हमले किए जाते हैं, जबकि कुछ मामलों में प्रशासनिक स्तर पर भी उन्हें अनावश्यक दबाव का सामना करना पड़ता है।

प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अनमोल कुमार ने कहा कि पत्रकार समाज और सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए आवश्यक है। उन्होंने बिहार में पृथक पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग करते हुए कहा कि इस कानून के माध्यम से पत्रकारों पर होने वाले हमलों की त्वरित जांच, दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई तथा पीड़ित पत्रकारों को न्याय सुनिश्चित किया जा सकेगा।

प्रतिनिधिमंडल ने पत्रकार सुरक्षा कानून के अतिरिक्त पत्रकार कल्याण से जुड़े कई अन्य प्रस्ताव भी पूर्व मुख्यमंत्री के समक्ष रखे। इनमें पत्रकार कल्याण कोष को और अधिक प्रभावी बनाने, मान्यता प्राप्त एवं ग्रामीण पत्रकारों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तार, पत्रकारों के लिए स्वास्थ्य बीमा सुविधा तथा पत्रकार हितों से संबंधित विभिन्न लंबित मामलों के समाधान की मांग शामिल थी।

पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और पत्रकारों की भूमिका को लोकतंत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने आश्वासन दिया कि पत्रकारों की सुरक्षा एवं कल्याण से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक विचार किया जाएगा तथा संबंधित स्तर पर आवश्यक पहल के लिए प्रयास किए जाएंगे।

भेंटवार्ता सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। प्रतिनिधिमंडल ने आशा व्यक्त की कि बिहार में पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए शीघ्र ही ठोस कदम उठाए जाएंगे, जिससे पत्रकार निर्भीक होकर अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें।इस अवसर पर पत्रकार हितों, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सशक्त बनाने की दिशा में व्यापक चर्चा भी हुई। बिहार प्रेस मेन्स यूनियन ने कहा कि पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग केवल पत्रकारों के हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

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