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संसारी रिश्ता

संसारी रिश्ता

जय प्रकाश कुवंर
किसी ने,
बहुत सही कहा है कि,
रिश्ते कम बनाइये।
पर जो बनाइये उसे
जीवन भर दिल से निभाइये।।
रिश्तों की बात करें तो,
संसार में रिश्ते अनेक हैं।
इज्जत न दे कोई मनुष्य,
किसी रिश्ते को तो कुछ भी नहीं,
अन्यथा इस संसार में,
हर रिश्ता एक से बढ़कर एक है।।
हर रिश्ते में कोई भी,
हर समय पास रह सकता नहीं,
इसलिए ऐसा कहा गया है कि,
रिश्ता वही श्रेष्ठ है,
जो दूर रह कर भी लगे दिल के पास है।
ऐसे रिश्ते में प्रेम और सुकून है,
और उम्र भर के लिए सुखद एहसास है।।

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