Advertisment1

यह एक धर्मिक और राष्ट्रवादी पत्रिका है जो पाठको के आपसी सहयोग के द्वारा प्रकाशित किया जाता है अपना सहयोग हमारे इस खाते में जमा करने का कष्ट करें | आप का छोटा सहयोग भी हमारे लिए लाखों के बराबर होगा |

हनुमान बेनीवाल का, न्याय-संघर्ष बेमिसाल

(नागौर, राजस्थान के माननीय सांसद श्री हनुमान बेनीवाल जी के लिए कुछ पंक्तियाँ सादर निवेदित हैं।)

हनुमान बेनीवाल का, न्याय-संघर्ष बेमिसाल

कुमार महेंद्र
अद्भुत अनुपम कार्यशैली,
लोकहित लक्ष्य प्रमुख बिंदु।
दृढ़ संकल्प समर्पण भाव,
अंतर बहता करुणा-सिंधु।
जनहित में निर्भीक निर्णय,
लोकतांत्रिक विरोध कमाल।
हनुमान बेनीवाल का, न्याय-संघर्ष बेमिसाल।।

चुनौती-पथ पर सदा अडिग,
साहस-शौर्य संग सामना।
भूल समस्त आलोचनाएँ,
उर में नव उत्साह-भावना।
आत्मसात सकारात्मक सोच,
सिंहासन से सीधे सवाल।
हनुमान बेनीवाल का, न्याय-संघर्ष बेमिसाल।।


समूल मिटाया असंभव शब्द,
निज जीवन-कोष पटल से।
अग्र कदम नव चेतन भरते,
अटल हौसलों के संबल से।
अंतःकरण सूर्य-चंद्र प्रभा,
निर्धन किसान हेतु ढाल।
हनुमान बेनीवाल का, न्याय-संघर्ष बेमिसाल।।


अष्टप्रहर जनसेवा काज,
सड़क-संसद स्वर प्रखर।
जनतंत्र-पटल आशा-किरण,
लोकहृदय सम्राट मनोहर।
कर्तव्यनिष्ठ ईमानदार व्यक्तित्व,
आदर्श चमके राजनीति-भाल।
हनुमान बेनीवाल का, न्याय-संघर्ष बेमिसाल।।


कुमार महेंद्र
(स्वरचित मौलिक रचना)
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे फेसबुक पेज से जुड़े https://www.facebook.com/divyarashmimag हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews हमें ट्विटर पर फॉलो करे :- https://x.com/DivyaRashmi8

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ