भोजशाला पर हाईकोर्ट की मुहर: “यह हिंदू मंदिर है”, अब काशी-मथुरा की बारी- हिंदू जनजागृती समिति

हिंदू जनजागृती समिति ने मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला मामले में आए न्यायालयीन निर्णय को “सनातन आस्था और ऐतिहासिक सत्य की विजय” बताते हुए इसे मंदिर मुक्ति आंदोलन की एक बड़ी सफलता करार दिया है। समिति ने कहा कि इंदौर उच्च न्यायालय ने उपलब्ध ऐतिहासिक तथ्यों, पुरातात्विक साक्ष्यों और कानूनी आधारों पर यह स्पष्ट कर दिया है कि भोजशाला मूल रूप से मां वाग्देवी अर्थात सरस्वती का प्राचीन हिंदू मंदिर है।
समिति ने इस फैसले को केवल एक कानूनी जीत नहीं, बल्कि सदियों से दबाए गए हिंदू इतिहास और विदेशी आक्रमणकारियों द्वारा मंदिरों पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ चले संघर्ष की निर्णायक उपलब्धि बताया। बयान में कहा गया कि भोजशाला की मुक्ति के लिए वर्षों तक आंदोलन, जनजागरण और कानूनी लड़ाई लड़ी गई, जिसमें “भोजशाला मुक्ति आंदोलन” के प्रमुख श्री नवलकिशोर शर्मा और हिंदू जनजागृती समिति की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
“अब काशी-मथुरा बाकी है”
समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता रमेश शिंदे ने कहा कि अयोध्या के बाद भोजशाला पर आया यह निर्णय साबित करता है कि ऐतिहासिक सत्य को लंबे समय तक दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि भारत में हजारों मंदिर विदेशी इस्लामी आक्रमणकारियों के कब्जे और अतिक्रमण का शिकार हुए हैं, जिन्हें मुक्त कराने का संघर्ष अब और तेज होगा।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा,
“अब समय आ गया है कि काशी की ज्ञानवापी और मथुरा की श्रीकृष्ण जन्मभूमि सहित सभी आक्रमित हिंदू धर्मस्थलों को मुक्त कराया जाए। अयोध्या और भोजशाला के फैसलों ने यह साबित कर दिया है कि सत्य अंततः सामने आता है।”
हिंदू राष्ट्र अधिवेशन से राष्ट्रीय स्तर तक उठा मुद्दा

समिति के अनुसार, भोजशाला विवाद को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने के लिए गोवा में आयोजित “वैश्विक हिंदू राष्ट्र महोत्सव” और अखिल भारतीय हिंदू राष्ट्र अधिवेशन के मंचों से लगातार प्रस्ताव पारित किए गए। देशभर के विभिन्न हिंदुत्ववादी संगठनों ने केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार से न्याय की मांग करते हुए आंदोलन चलाए।समिति ने कहा कि यह फैसला करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान है और इससे मंदिर मुक्ति आंदोलन को नई ऊर्जा मिली है। भोजशाला पर आए निर्णय के बाद अब काशी और मथुरा को लेकर भी देशभर में बहस और आंदोलन तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
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